
भारतीय सिनेमा में अपने दमदार अभिनय, यथार्थवादी शैली और अद्वितीय संवाद अदायगी के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के आकस्मिक निधन ने पूरे देश को गहरे शोक में डाल दिया है। 8 अक्टूबर 2026 को उनके निधन की खबर आते ही कला और राजनीति जगत स्तब्ध रह गया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना पर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं साझा करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नाना पाटेकर का जाना कला जगत के लिए एक बहुत बड़ी और अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना के अमिट योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके बहुआयामी और बेजोड़ अभिनय ने उन्हें एक ऐसा सांस्कृतिक प्रतीक बना दिया था, जो हमेशा लोगों की स्मृतियों में अमर रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोकाकुल परिवार को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति मिले।
पचहत्तर वर्षीय नाना पाटेकर का गोवा स्थित उनके आवास पर गंभीर दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ।अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत वहां के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां आपातकालीन मेडिकल टीम ने लगातार 45 मिनट तक उन्हें सीपीआर देकर उनकी जान बचाने का भरसक प्रयास किया।हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
उनके बेटे मल्हार ने इस हृदयविदारक खबर की आधिकारिक पुष्टि की। नाना पाटेकर के इस तरह अचानक चले जाने से न सिर्फ उनके करोड़ों प्रशंसक आहत हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत फिल्म जगत के उनके तमाम साथियों और देश के बड़े राजनेताओं ने भी भारी मन से उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
नाना पाटेकर की शानदार विरासत सिर्फ सिनेमाई पर्दे तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि असल जिंदगी में भी वह लोगों के लिए एक नायक थे। भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित और तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाले इस महान कलाकार ने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘नटसम्राट’ जैसी अनगिनत शानदार व प्रशंसित फिल्मों में अपनी कला का जादुई प्रदर्शन किया।
सिनेमा के साथ-साथ समाज सेवा में भी उनकी भूमिका बेहद सक्रिय और प्रभावशाली रही। अपने ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए उन्होंने सूखे और कर्ज की मार झेल रहे किसानों व उनके परिवारों की मदद के लिए जो ऐतिहासिक कार्य किए, वे हमेशा उनकी संवेदनशीलता और महानता को दर्शाते रहेंगे। उनका सादगी भरा जीवन और उनका काम आने वाली कई पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।




