
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने उत्तरकाशी दौरे के दौरान राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। बुधवार को उन्होंने ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ और मां शक्ति मंदिर को जोड़ने के लिए एक भव्य कॉरिडोर विकसित करने का बड़ा ऐलान किया।
इसके साथ ही, स्थानीय क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हेतु केंद्र सरकार को जल्द ही एक आधिकारिक प्रस्ताव भेजने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत काशी विश्वनाथ और मां शक्ति के दरबार में मत्था टेककर और विशेष पूजा-अर्चना के साथ की। इसके उपरांत, उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ में हिस्सा लिया और वहां से ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की और बताया कि ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन के सफलतापूर्वक 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली जा रही है। उल्लेखनीय है कि नरेंद्र मोदी 7 अक्टूबर 2001 से सार्वजनिक पद पर आसीन हैं, जहां उन्होंने पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और 2014 से देश के प्रधानमंत्री का पदभार संभाल रहे हैं।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ देश की सेवा करते आए हैं और वर्तमान सरकार का मुख्य लक्ष्य सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ हर नागरिक तक पहुंचाना है, जिसके लिए सरकारी तंत्र को सीधे जनता के दरवाजे तक ले जाने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष लगाव को भी रेखांकित किया और याद दिलाया कि बाबा केदार की पवित्र भूमि से ही उन्होंने यह उद्घोष किया था कि 21वीं सदी उत्तराखंड की सदी होगी।
राज्य की आर्थिक प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व उछाल आया है और यह डेढ़ गुना से अधिक बढ़ चुकी है। प्रदेश के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत से अधिक की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है।
राज्य में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में 20,000 से अधिक नए उद्योग स्थापित किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र में भी लगातार विकास हो रहा है, जिसके परिणामस्वरूप होटलों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि स्थानीय स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले होमस्टे की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है।




