
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मवाना स्थित बसंत वैली पब्लिक स्कूल में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कक्षा सात में पढ़ने वाले 13 वर्षीय छात्र कुणाल शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच और चिकित्सकों के अनुसार छात्र की मौत का कारण अचानक आया हार्ट अटैक (हृदय गति रुकना) माना जा रहा है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, हालांकि परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इंकार कर दिया है।
मोहल्ला काबली गेट निवासी धर्मेंद्र शर्मा का बेटा कुणाल रोजमर्रा की तरह सोमवार को भी स्कूल गया था। स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब सभी बच्चे बाहर आ गए, तो कुणाल अपने तय ई-रिक्शा तक नहीं पहुंचा। कुणाल का छोटा भाई सचित, जो उसी स्कूल में कक्षा पांच का छात्र है, अपनी क्लास में भाई का इंतजार कर रहा था। काफी देर होने पर ई-रिक्शा चालक कुणाल को तलाशते हुए स्कूल के अंदर गया। सचित और अन्य छात्रों के साथ मिलकर जब उसे ढूंढा गया, तो पता चला कि वह वॉशरूम गया था। वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद था और आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद एक छात्र ने ऊपर से झांककर देखा तो कुणाल अचेत अवस्था में फर्श पर पड़ा था, जिसे देखकर उसके छोटे भाई सचित की चीख निकल गई।
आनन-फानन में दरवाजा खोलकर कुणाल को बाहर निकाला गया और स्कूल प्रशासन द्वारा उसे तुरंत एक निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया। वहां उसे मृत घोषित किए जाने के बाद परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और फिर मेरठ भी ले गए, लेकिन दुर्भाग्यवश वहां भी डॉक्टरों ने उसे मृत ही बताया।
स्कूल के निदेशक व प्रधानाचार्य अमित राणा ने बताया कि कुणाल उनके विद्यालय में नर्सरी से पढ़ रहा था और डॉक्टरों ने उसे कार्डियक अरेस्ट आने की बात कही है। कुणाल के पिता मेरठ की एक निजी फैक्ट्री में काम करते हैं और तीन भाई-बहनों में वह दूसरे नंबर का था।
देर शाम पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) पंकज लवानिया और थाना प्रभारी कुणाल के घर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की मौत अचानक हृदय गति रुकने से हुई प्रतीत होती है और परिजनों के पोस्टमार्टम से मना करने के बावजूद पुलिस अपने स्तर पर आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है। इसके पश्चात, परिजनों ने अत्यंत गमगीन माहौल में बेरियो वाले श्मशान घाट पर कुणाल का अंतिम संस्कार कर दिया।




