
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राज्य के होनहार छात्रों के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महज एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलने और उनके लिए अवसरों को सफलता में तब्दील करने का एक सशक्त माध्यम है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस विशेष योजना का मुख्य उद्देश्य युवा उम्मीदवारों की आकांक्षाओं को नए पंख देना है। सरकार की ओर से काफी लंबे समय से चल रही तैयारियों और गहन विचार-विमर्श के बाद इस योजना को धरातल पर उतारा गया है ताकि राज्य का युवा वर्ग आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।
राज्य सरकार इस बात के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि किसी भी प्रतिभावान छात्र के मार्ग में संसाधनों की कमी या आर्थिक तंगी कभी भी बाधा न बने। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के युवाओं को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और मार्गदर्शन के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु दृढ़ संकल्पित है। उनका स्पष्ट मानना है कि कमजोर आर्थिक परिस्थितियों के कारण किसी भी योग्य युवा के कदम नहीं रुकने चाहिए और इसी नेक सोच के साथ ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ को पूरे प्रदेश में लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत उत्तराखंड भर के विश्वविद्यालयों, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में नामांकित छात्रों को विभिन्न अहम प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।
इन परीक्षाओं में सिविल सेवा (यूपीएससी और राज्य लोक सेवा आयोग), रक्षा सेवा (सीडीएस), बैंकिंग, रेलवे और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा और अन्य पात्रता परीक्षाओं जैसे कैट (CAT), मैट (MAT), गेट (GATE), नेट (NET) और सीएसआईआर-नेट (CSIR-NET) की तैयारी कर रहे छात्रों को भी विशेषज्ञों द्वारा बेहतरीन मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।
यह योजना विशेष रूप से उत्तराखंड के दूरदराज और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होने वाली है। भौगोलिक चुनौतियों और संसाधनों की कमी के कारण अक्सर इन क्षेत्रों के छात्रों को अच्छी कोचिंग के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जो आर्थिक रूप से काफी बोझिल होता था। लेकिन अब, इस नई व्यवस्था के माध्यम से छात्र अपने घर बैठे ही उच्च स्तर का मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल उनके समय और धन की भारी बचत होगी, बल्कि बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन में भी कमी आएगी और छात्र पूरे मनोयोग से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।



