उत्तर प्रदेशमुरादाबाद

मुरादाबाद सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने पर बढ़ा विवाद, सपा विधायक के चाचा हाजी उस्मान के खिलाफ FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में नमाज पढ़ने को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जिले की बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम के चाचा और सपा के जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

यह कानूनी कार्रवाई सर्किट हाउस परिसर में उनके द्वारा खुलेआम नमाज पढ़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई है। इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए हंगामा किया, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव आगामी एमएलसी चुनावों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करने के लिए गुरुवार को मुरादाबाद के सर्किट हाउस पहुंचे थे। शुक्रवार को जब वे वहां से रवाना हुए, उसके कुछ समय बाद ही इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा।

इस वीडियो में बड़े मुस्लिम विद्वान के रूप में पहचाने जाने वाले सपा नेता हाजी मोहम्मद उस्मान सर्किट हाउस के रास्ते में अपनी गाड़ी खड़ी करके नमाज पढ़ते हुए नजर आए। आरोप है कि उनके इस कृत्य और बीच रास्ते में गाड़ी खड़ी करने की वजह से सर्किट हाउस में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और रास्ता भी बाधित हुआ।

इस मामले के तूल पकड़ने और हिंदू संगठनों के भारी विरोध के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मामले का संज्ञान लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी के सर्किट हाउस प्रभारी और अवर अभियंता अनित कुमार ने पुलिस को अपनी लिखित शिकायत दी। उनकी तहरीर के आधार पर मुरादाबाद के मझोला थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सपा नेता हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 285 और 292 के तहत नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की आगे की कानूनी जांच भी शुरू कर दी है।

सर्किट हाउस जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में हुई इस घटना पर अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने इस कृत्य पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित करार दिया है। वीएचपी की केंद्रीय प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. राजकमल गुप्ता ने सपा नेता के इस कदम पर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी परिसर के अंदर रास्ते में दरी बिछाकर खुले में नमाज पढ़ना सीधे तौर पर साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी द्वारा अपने एक विशेष वोट बैंक को खुश करने और उन्हें संदेश देने की सोची-समझी कोशिश है। फिलहाल पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Related Articles

Back to top button