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उन्नाव: अवैध संबंधों के शक में हैवान बना पति, 19 वर्षीय पत्नी को गंगा नदी में फेंका

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने अवैध संबंधों के शक में अपनी 19 वर्षीय पत्नी को गंगा नदी में फेंक दिया। यह खौफनाक वारदात परियर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई।

कानपुर नगर के बिठूर थाना क्षेत्र स्थित गाजीपुर गांव का रहने वाला 21 वर्षीय सुजीत राजपूत अपनी पत्नी ऊषा के साथ सफीपुर कोतवाली के मरौंदा मंझवारा गांव गया था। वे दोनों वहां ससुराल में रह रहे साढ़ू मोनू राजपूत का हालचाल जानने पहुंचे थे, जिनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। शुक्रवार शाम करीब छह बजे जब सुजीत अपनी पत्नी को लेकर बाइक से वापस बिठूर लौट रहा था, तभी रास्ते में दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। गुस्से में आकर सुजीत ने गंगा नदी के पुल पर अपनी बाइक रोकी और पत्नी को उठाकर सीधे उफनती नदी में फेंक दिया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सुजीत ने अपनी मां सुमन को फोन कर झूठी कहानी गढ़ी कि ऊषा ने खुद नदी में छलांग लगा दी है। इसके बाद सुमन ने ऊषा के पिता विनोद और अन्य परिजनों को घटना की जानकारी दी। मायके वाले तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने सुजीत की कहानी पर अविश्वास जताते हुए उस पर हत्या का आरोप लगाया।

पुलिस ने जब सुजीत को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी पत्नी पर किसी अन्य युवक से संबंध होने का शक था। सुजीत के अनुसार, ऊषा अक्सर मायके में रहने वाले एक युवक से फोन पर बात करती थी और बुधवार रात भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच भारी विवाद हुआ था। शुक्रवार को भी मायके आने के बाद ऊषा बाजार जाने के बहाने काफी देर तक गायब रही, जिससे सुजीत का गुस्सा और भड़क गया था और उसने पुल पर पहुंचते ही इस खौफनाक कदम को उठा लिया।

ऊषा के पिता विनोद ने पुलिस को जानकारी दी है कि उनकी बेटी की शादी दो साल पहले ही सुजीत के साथ हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं है। पति-पत्नी के बीच पहले से ही अक्सर झगड़े होते रहते थे। सफीपुर कोतवाली प्रभारी संदीप मिश्रा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है और लड़की के परिजनों की ओर से मिलने वाली तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता ऊषा को ढूंढ़ना है। रात के समय अंधेरा अधिक होने के कारण गोताखोरों का तलाशी अभियान रोकना पड़ा था, लेकिन प्रशासन द्वारा मोटर बोट की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि सुबह होते ही प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से गंगा नदी में सघन रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया जा सके।

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