
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े अपने पहले आधिकारिक लखनऊ दौरे पर पांच और छह सितंबर को पहुंच रहे हैं। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के दृष्टिकोण से उनका यह दौरा रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने आगमन से पूर्व ही उन्होंने प्रदेश के सभी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एक बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश देकर अपने काम करने के तरीके से अवगत करा दिया है। तावड़े ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि उनके स्वागत के लिए शहर में किसी भी प्रकार के होर्डिंग, बैनर या पोस्टर न लगाए जाएं और न ही सड़कों पर भीड़ जुटाकर दिखावा किया जाए।
सामान्यतः राजनीति में यह परंपरा रही है कि जब भी किसी बड़े नेता या राष्ट्रीय पदाधिकारी का आगमन होता है, तो एयरपोर्ट से लेकर पार्टी मुख्यालय तक पूरा शहर स्वागत के पोस्टरों से अटा पड़ा रहता है, जिससे आम जनता को भारी ट्रैफिक जाम और असुविधा का सामना करना पड़ता है। विनोद तावड़े ने इस संस्कृति और आडंबर को दरकिनार करते हुए सादगी के साथ कार्यालय पहुंचने की इच्छा जताई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट किया है कि भव्य स्वागत और दिखावे से ज्यादा जरूरी बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाना है। उनका पूरा ध्यान पार्टी के मूल मंत्र ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ को धरातल पर मजबूती से लागू करने पर केंद्रित है।
अपने इस दो दिवसीय सघन दौरे के दौरान विनोद तावड़े राज्य के शीर्ष नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ उनकी अहम मंत्रणा होगी। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी स्तर का रोडमैप तैयार करना, संगठन की मजबूती का आकलन करना और बूथ प्रबंधन की नई रणनीतियों को धार देना है। गौरतलब है कि तावड़े के पास चुनाव प्रबंधन का व्यापक अनुभव है।
हाल ही में उनके प्रभार के अंतर्गत बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था और इससे पहले हरियाणा समेत अन्य राज्यों में भी उनकी संगठनात्मक कुशलता देखने को मिली थी। उनके इसी सफल ट्रैक रिकॉर्ड और चुनावी अनुभव का लाभ अब उत्तर प्रदेश में संगठन को मिलने की उम्मीद है।
सितंबर का यह महीना उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों से भरा रहने वाला है। विनोद तावड़े के दौरे के तुरंत बाद, सात सितंबर को पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष भी लखनऊ पहुंच रहे हैं, जो मुख्य रूप से संगठनात्मक कार्यों और रणनीतियों की गहन समीक्षा करेंगे।
इसके अतिरिक्त, इसी महीने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय नेता नितिन नवीन के भी लखनऊ आने की प्रबल संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन दिग्गज नेताओं के दौरे के दौरान ही भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश कार्यालय का भव्य भूमि पूजन भी संपन्न हो सकता है। यह पूरा महीना पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों, सांगठनिक पेंच कसने और भविष्य की राजनीतिक रूपरेखा को तय करने के लिहाज से बेहद अहम साबित होने वाला है।



