
पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष ने अब खौफनाक रूप ले लिया है, जिसका सीधा खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। ईरान के तटीय क्षेत्र सिरिक (हॉर्मुज जलडमरूमध्य के करीब) में एक शादी समारोह उस वक्त भीषण मातम में तब्दील हो गया, जब वह सीधे तौर पर अमेरिकी मिसाइलों की चपेट में आ गया।
इस दर्दनाक हमले में एक चार साल के मासूम बच्चे सहित कम से कम पांच लोगों की जान चली गई है, जबकि 50 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरानी अधिकारियों ने इसे मौजूदा संघर्ष के दौरान नागरिकों के खिलाफ हुई सबसे गंभीर और त्रासद घटनाओं में से एक बताया है। इस हृदयविदारक घटना ने युद्ध की क्रूरता और इसके विनाशकारी मानवीय प्रभाव को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और मिनाब स्कूल हमले की याद
ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे घोर अमानवीय और क्रूर करार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इस हमले को अलग-थलग घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने इसका सीधा तार युद्ध के पहले दिन मिनाब में हुए उस खौफनाक हमले से जोड़ा, जहां एक बालिका विद्यालय पर हुई बमबारी में करीब 160 मासूमों की जान चली गई थी। अमेरिकी रक्षा विभाग ने मिनाब घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि वह हमला ‘पुराने और आउटडेटेड लक्ष्य आंकड़ों’ के इस्तेमाल की वजह से हुई एक बड़ी चूक थी। सिरिक में हुए इस ताज़ा हमले ने ईरान के उसी जख्म को फिर से हरा कर दिया है।
अमेरिकी सेना के निशाने पर क्या था?
अमेरिकी सेना ने दरअसल मंगलवार रात (भारतीय समयानुसार रात करीब 9:30 बजे) ईरान के प्रमुख सामरिक ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा था। इस ऑपरेशन के तहत चाबहार, केशम द्वीप और ईरान के शक्तिशाली इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी गईं। अमेरिकी सैन्य कमांड के अनुसार, उनका मुख्य लक्ष्य ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम (हवाई रक्षा प्रणाली), राडार नेटवर्क, समुद्री संसाधनों, सैन्य संचार केंद्रों और बारूदी सुरंग बिछाने वाले बुनियादी ढांचों को नष्ट करना था। हालांकि, इन सैन्य लक्ष्यों को भेदने के प्रयास में नागरिक इलाके भी भीषण तबाही का शिकार हो गए।
अमेरिका-ईरान के बीच गहराता युद्ध का संकट
बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई हफ्तों का सबसे बड़ा और भीषण सैन्य टकराव देखने को मिला। अमेरिका ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आने वाले समय में उसके द्वारा और भी व्यापक और विध्वंसक हमले किए जा सकते हैं। इस चेतावनी और आम नागरिकों की लगातार हो रही मौतों ने पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं।



