
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बेहद दर्दनाक और दुखद घटना सामने आई है। जिले के बिसौली कस्बे में शुक्रवार की रात हुए एक अचानक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। यहां मोहल्ला वीर बाबू की बगिया में छत के ऊपर से गुजर रहे बिजली के खतरनाक तारों की चपेट में आने से 35 वर्षीय एक सफाई कर्मचारी की जान चली गई। मृतक की पहचान संजीव वाल्मीकि के रूप में हुई है। इस अकल्पनीय घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है और मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, संजीव वाल्मीकि पास के ही कल्याणपुर गांव में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे और बिसौली कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला वीर बाबू की बगिया में एक किराए के मकान में अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रहे थे।
शुक्रवार की रात लगभग 11 बजे संजीव किसी काम से अपने मकान की छत पर जा रहे थे। इसी दौरान, अंधेरे में उन्हें छत के बेहद करीब से गुजर रही हाईटेंशन या बिजली की लाइन का अंदाजा नहीं लगा और वे उसकी चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना जोरदार था कि वे बुरी तरह से झुलस गए और अचेत होकर सीधे नीचे आ गिरे।
संजीव के गिरने की आवाज सुनकर परिवार के लोग बदहवास हालत में दौड़कर वहां पहुंचे। आनन-फानन में उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन करंट लगने की वजह से उनके शरीर का काफी हिस्सा झुलस चुका था और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और उन्नत इलाज के लिए तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया।
परिवार वाले भारी मन और एक उम्मीद के साथ संजीव को हायर सेंटर ले जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में संजीव ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, वहां मातम छा गया। संजीव अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनका इस घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस दुखद घड़ी में परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से बचते हुए शव का पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, प्रशासन के रुख को लेकर बिसौली के क्षेत्राधिकारी (सीओ) अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि यह मामला तुरंत उनके संज्ञान में नहीं आया था, लेकिन सूचना प्राप्त होने के बाद स्थानीय स्तर पर घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया देखी जाएगी।




