
हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश के युवाओं के चेहरों पर झलकता आत्मविश्वास इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारत का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने इस ऐतिहासिक संस्थान को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और शाश्वत सभ्यतागत मूल्यों का एक जीवंत प्रतीक बताया जो देशभक्ति की भावना को जागृत करता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है जिसकी 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 42 वर्ष से कम आयु की है और यह जनसांख्यिकी लाभांश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी ताकत है। आज के युवा केवल नौकरी चाहने वाले नहीं बल्कि स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नौकरी देने वाले बन रहे हैं।
राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना और एक जिला-दो उत्पाद जैसी पहलों के जरिए युवाओं को सशक्त किया जा रहा है। कौशल विकास और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के कारण पहाड़ी जिलों में 44 प्रतिशत की रिवर्स माइग्रेशन दर दर्ज की गई है। इसके अलावा बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट आई है और उत्तराखंड नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में देश भर में पहले स्थान पर है।
परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके तहत पिछले साढ़े चार वर्षों में 100 से अधिक परीक्षा माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा गया है। पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता आधारित प्रक्रिया के माध्यम से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। यह कार्यक्रम भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर द्वारा आयोजित किया गया था।




