
उत्तराखंड के कई जिलों के लिए जारी रेड और ऑरेंज बारिश के अलर्ट को देखते हुए चार धाम यात्रा शनिवार दोपहर से रविवार तक स्थगित कर दी गई है । गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को पत्र जारी कर उन्हें निर्देश दिया है कि वे भारत और विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने-अपने जिलों में आवश्यक उपाय करें, मौसम में सुधार होने पर तीर्थयात्रा फिर से शुरू हो जाएगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 26 और 27 सितंबर को उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं।
शनिवार को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, पौडी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोडा के लिए ऑरेंज अलर्ट है, जबकि हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी येलो अलर्ट के तहत हैं। रविवार के लिए, देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार रेड अलर्ट के तहत हैं, जबकि उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग को ऑरेंज अलर्ट के तहत रखा गया है। बागेश्वर, अल्मोडा, चंपावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड के चार धाम तीर्थों में इस वर्ष दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 50 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 50.87 लाख श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनात्री के दर्शन कर चुके हैं। इस आंकड़े में बुधवार तक चमोली जिले के हेमकुंड साहिब के दर्शन करने वाले लगभग 3.26 लाख तीर्थयात्री भी शामिल हैं। बद्रीनाथ में सबसे अधिक 17.47 लाख तीर्थयात्री पहुंचे, उसके बाद केदारनाथ में 15.03 लाख, गंगोत्री में 7.95 लाख और यमुनात्री में 7.13 लाख तीर्थयात्री पहुंचे।



