
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के गगनयान और अन्य महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े 100 से अधिक वैज्ञानिकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इतनी बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों के नौकरी छोड़ने से चिंतित होकर अंतरिक्ष विभाग ने अब इस्तीफे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के नियमों को काफी सख्त कर दिया है, ताकि राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट्स किसी भी तरह प्रभावित न हों।
एक रिपोर्ट के मुताबिक यूआरएससी और वीएसएससी जैसे बेहद महत्वपूर्ण केंद्रों से लगभग 120 वैज्ञानिकों ने नौकरी छोड़ी है। इनमें एलवीएम-3 और स्पैडेक्स जैसे अहम प्रोजेक्ट्स के निदेशक भी शामिल हैं। इस पूरे मामले पर इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि वैज्ञानिकों का जाना एक सामान्य प्रक्रिया है और संगठन इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने देशवासियों को आश्वासन दिया है कि किसी भी महत्वपूर्ण मिशन का काम नहीं रुकेगा।
वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफे को देखते हुए विभाग ने हाल ही में एक नया ज्ञापन जारी किया है। इसके तहत अब गगनयान जैसे मिशन से जुड़े ग्रुप ‘ए’ के वैज्ञानिकों के इस्तीफे सामान्य रूप से स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके साथ ही केंद्र निदेशकों से इस्तीफे मंजूर करने का अधिकार भी वापस ले लिया गया है और अब अंतिम फैसला सीधे अंतरिक्ष विभाग द्वारा लिया जाएगा। हालांकि संगठन में पहले भी ऐसी स्थिति देखने को मिली है और वर्तमान में इसरो एक हजार से अधिक पदों पर नई भर्ती की प्रक्रिया भी चला रहा है।




