
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आतंकी फंडिंग और अवैध घुसपैठ के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत एक साथ 13 अलग-अलग ठिकानों पर सघन छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई एक संगठित सिंडिकेट के खिलाफ की जा रही है, जो देश विरोधी गतिविधियों के लिए पैसे जुटाने का काम करता था।
यह गंभीर मामला उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर से सीधे तौर पर जुड़ा है। जांच में पता चला है कि यह शातिर गिरोह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत की सीमा में प्रवेश कराता था। इसके बाद यह सिंडिकेट इन घुसपैठियों के फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाकर उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में बसाने का काम कर रहा था।
ईडी की इस शुरुआती जांच में एक बहुत बड़े वित्तीय नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसी को पूरा शक है कि कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और गैर-सरकारी संस्थाओं के जरिए विदेशों से भारी मात्रा में फंड मंगाया गया था। इस अवैध धन को कई फर्जी बैंक खातों और म्यूल अकाउंट्स के जरिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया, ताकि जांच एजेंसियों को इसकी भनक न लग सके।
फिलहाल जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। तलाशी अभियान के दौरान टीम को मौके से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं। ईडी की यह अहम जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस मामले में कई अन्य बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।



