
गाजियाबाद के संजयनगर पिंक बूथ के बाहर शनिवार को 22 वर्षीय ऑटो ड्राइवर राजकुमार लहूलुहान हालत में मिला। उसकी मौत हो गई। मृतक की मां चिंता देवी ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिवार का कहना है कि शाम चार बजे पुलिस ने घायल होने की सूचना दी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें भगा दिया गया। बाद में शाम छह बजे पता चला कि बेटे को जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद परिवार को मौत की खबर मिली। परिवार का आरोप है कि समय पर सही इलाज मिलता तो राजकुमार की जान बच सकती थी।
पुलिस का बयान
पुलिस के अनुसार, राजकुमार शराब के नशे में था। उसने पिंक बूथ के शीशे में हाथ मारे, जिससे कांच घुस गया और खून बहने लगा। शराब के कारण ज्यादा रक्तस्राव होने से उसकी मौत हो गई।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच एसीपी महिला अपराध सुचिता सिंह को सौंपी गई है। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक चोट लगने के करीब 9 मिनट में पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और एंबुलेंस भी समय पर बुलाई गई थी।
राजकुमार परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी पत्नी 8 महीने की गर्भवती है और बूढ़ी मां के सामने अब भविष्य का संकट खड़ा हो गया है।



