
दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ को Zee5 से हटाए जाने के कुछ दिन बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी (DSGMC) ने इस कदम का विरोध किया है। कमिटी ने इसे सामाजिक कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी को दबाने की कोशिश बताया है।
DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कलका ने कहा कि फिल्म 1990 के दशक के पंजाब में मानवाधिकार उल्लंघनों को उजागर करने वाले जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है। उन्होंने फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग और शैक्षणिक संस्थानों में सेमिनार आयोजित करने का ऐलान किया है ताकि यह कहानी लोगों तक पहुंच सके।
कलका ने कहा, “यह फिल्म एक सामाजिक कार्यकर्ता की कहानी है, जिसने 25,000 अनक्लेम्ड शवों की क्रीमेशन का मुद्दा उठाया। इस कहानी को दबाना गलत है।” कमिटी अब गुरुद्वारों, स्कूलों और कॉलेजों में फिल्म की स्क्रीनिंग और खालरा पर चर्चा करवाएगी।
फिल्म में दिलजीत दोसांझ जसवंत सिंह खालरा का रोल निभा रहे हैं। फिल्म पहले ‘पंजाब 95’ नाम से सेंसर बोर्ड से 4 साल तक जूझी थी।



