
फलस्तीनी पत्रकार मुजाहिद बानी मुफ्लेह की दो तस्वीरें (कुछ महीनों के अंतराल की) इजरायल-गाजा संघर्ष की मानवीय कीमत का नया प्रतीक बन गई हैं। पहली तस्वीर में वह स्वस्थ दिखते हैं, जबकि इजरायली हिरासत से रिहा होने के बाद दूसरी तस्वीर में वे बेहद कमजोर, पीले और लगभग पहचान से परे नजर आ रहे हैं। उनके सिर का एक हिस्सा सर्जरी के दौरान हटाया गया है।
फलस्तीनी प्रिजनर सोसाइटी (PPS) ने इसे इजरायली जेलों में बंदियों के साथ “दुखद” व्यवहार का सबूत बताया है। समूह के अनुसार, मुजाहिद को जून 2025 में बिना आरोप के प्रशासनिक हिरासत में लिया गया था और जनवरी 2026 में छह महीने बाद रिहा किया गया। रिहाई के दो दिन बाद उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ, जिसके बाद कई सर्जरी हुईं।
PPS का दावा है कि यह कोई अलग मामला नहीं है। हजारों फलस्तीनी कैदियों के साथ यातना, भूख, इलाज से इनकार और शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं। समूह ने यह भी कहा कि अक्टूबर 2023 से अब तक 245 फलस्तीनी पत्रकारों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इजरायल इन आरोपों से इनकार करता रहा है और कहता है कि कैदियों के साथ कानून के अनुसार व्यवहार किया जाता है।




