
राम जन्मभूमि मंदिर में कथित तौर पर धन और चढ़ावे के गबन की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी 150 पृष्ठों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप सकता है। मंदिर सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट और पदाधिकारियों को अयोध्या न छोड़ने के लिए स्पष्ट रूप से कहा है, और दावा किया है कि जांचकर्ताओं को सोने, चांदी और कीमती पत्थरों जैसे चढ़ावों के दस्तावेजों में विसंगतियां मिली हैं।
एसआईटी को प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सात दिन और अंतिम रिपोर्ट के लिए 15 दिन की समय सीमा दी गई थी। अब तक की गई जांच के निष्कर्ष संकलित कर लिए गए हैं और इन्हें आज किसी भी समय मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की प्रमुख खोजों में से एक भगवान राम को भक्तों द्वारा अर्पित किए गए सोने-चांदी के आभूषणों और हीरे सहित अन्य कीमती पत्थरों के अभिलेखों से संबंधित है। उनके मुताबिक, जांचकर्ताओं को इन चढ़ावों के दस्तावेज़ीकरण और लेखा-जोखा में विसंगतियां मिलीं।



