
उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। नोएडा पॉवर कंपनी लिमिटेड (NPCL) के अधिशेष (सरप्लस) धनराशि को 1500.63 करोड़ रुपये से घटाकर 593.81 करोड़ रुपये करने के राज्य विद्युत नियामक आयोग के फैसले पर उपभोक्ता पक्ष ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग में आपत्ति दाखिल कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि सरकार इस फैसले के खिलाफ तत्काल अपीलीय न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) में मुकदमा दायर करे। उनका कहना है कि अगर यह फैसला लागू हुआ तो अन्य बिजली कंपनियां भी सरप्लस घटाने की मांग करेंगी, जिसका सीधा असर पूरे प्रदेश के साढ़े तीन करोड़ उपभोक्ताओं की बिजली दरों और छूट पर पड़ेगा।
वर्तमान में प्रदेश की बिजली कंपनियों के पास कुल 51 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस है, जिसकी वजह से पिछले कई वर्षों से बिजली दरें स्थिर हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के ढाई लाख उपभोक्ताओं को मिल रही 10 प्रतिशत की छूट भी इस फैसले से प्रभावित हो सकती है।



