
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई गड़बड़ी को स्वीकार करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेता है।
मंत्री ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन 7 मई को NTA को शिकायत मिली कि एक “गेस पेपर” में असली परीक्षा के सवाल आ गए थे। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच के आदेश दिए, जिसे केंद्र सरकार की एजेंसियों को सौंप दिया गया। 12 मई तक पुष्टि हो गई कि परीक्षा के सवाल गेस पेपर के रूप में लीक हो गए थे।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार किसी भी योग्य छात्र को “एजुकेशन माफिया” या फ्रॉड करने वालों के कारण नुकसान नहीं होने देगी। उन्होंने स्वीकार किया कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के बावजूद गड़बड़ी हुई, जिसके चलते परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।




