
केंद्र सरकार ने LPG की ब्लैक मार्केटिंग और गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देशभर में 3700 से ज्यादा छापेमारी की गई हैं।
इस कार्रवाई में 1000 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए और 27 LPG वितरकों को निलंबित कर दिया गया है। यह कदम पश्चिमी एशिया संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति के कारण LPG की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
सरकार के प्रमुख कदम:
- सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMCs) के अधिकारियों को अचानक निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश
- 5 किलो छोटे LPG सिलेंडरों की बिक्री में भारी बढ़ोतरी (71,000+ सिलेंडर बेचे गए)
- ब्लैक मार्केटिंग और अनधिकृत स्टॉकिंग रोकने के लिए राज्य सरकारों को पूर्ण अधिकार दिए गए
- नागरिकों से अपील: केवल अधिकृत जगह से LPG खरीदें, घबराहट में स्टॉक न करें
वैकल्पिक उपाय:
सरकार ने LPG के दबाव को कम करने के लिए PNG, इंडक्शन कुकटॉप, इलेक्ट्रिक चूल्हा और केरोसिन-कोयला जैसे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ाने की अपील की है। साथ ही छोटे-मंझले उपभोक्ताओं के लिए कोयला आवंटन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का साफ संदेश है कि पेट्रोल, डीजल और LPG की उपलब्धता बनी रहेगी। नागरिकों से अनुरोध है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें।



