
देश के प्रमुख निजी बैंक एचडीएफसी बैंक में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि पिछले दो सालों में बैंक के अंदर कुछ घटनाएं और प्रथाएं देखीं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खातीं।
इस इस्तीफे के बाद बैंकिंग सेक्टर में चर्चा तेज हो गई और शेयरों में गिरावट आई। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने तुरंत स्थिति स्पष्ट की। आरबीआई के प्रेस नोट में कहा गया कि बैंक की गवर्नेंस, संचालन या आचरण में कोई बड़ी समस्या या सामग्री चिंता नहीं है। एचडीएफसी बैंक एक मजबूत वित्तीय स्थिति वाला डी-सिब बैंक है, जिसका बोर्ड पेशेवर तरीके से चलता है और प्रबंधन सक्षम है।
आरबीआई ने बैंक की मांग पर केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है, ताकि बैंक के कामकाज में कोई रुकावट न आए।
फिलहाल बाजार और निवेशक इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में और जानकारी सामने आ सकती है, लेकिन आरबीआई का आश्वासन बैंक की स्थिरता पर भरोसा बढ़ाता है।



