
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने शनिवार को एक संयुक्त बयान जारी कर दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के लिए एक नए ढांचे की घोषणा की। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 2 फरवरी को एक व्यापार समझौते की घोषणा करने और भारत पर टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने के बाद आया ,दोनों देशों ने कहा कि अंतरिम समझौता निष्पक्ष और संतुलित व्यापार, बेहतर बाजार पहुंच और अधिक सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस समझौते को दोनों साझेदारों के बीच एक व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस कदम से भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुल जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत अपने किसानों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए संवेदनशील कृषि और दुग्ध उत्पादों को पूरी तरह से संरक्षित किया गया है। इस समझौते के तहत, भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ को समाप्त या कम करेगा। इनमें सूखे अनाज, पशुओं के चारे के लिए इस्तेमाल होने वाला लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब, स्पिरिट और अन्य वस्तुएं शामिल हैं।
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इसके बदले में, अमेरिका मौजूदा कार्यकारी आदेशों के तहत भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। ये टैरिफ वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, गृह सज्जा, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी जैसे क्षेत्रों पर लागू होंगे। हालांकि, अंतरिम समझौते के सफल समापन के अधीन, अमेरिका कई भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ हटा देगा, जिनमें जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे तथा विमान के पुर्जे शामिल हैं। वाशिंगटन ने एल्युमीनियम, इस्पात और तांबे पर पहले जारी की गई घोषणाओं के तहत भारतीय विमानों और विमान पुर्जों पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी कुछ शुल्कों को हटाने पर भी सहमति जताई है।


