
पीपल के पेड़ को हिंदु धर्म में पूजा जाता है। उसे एक देवता की उपाधि दी गई है। लेकिन क्या आप यकीन करेंगे की एक जगह ऐसा भी बरगद का पेड़ मौजूद है जो खून का प्यासा है? एस बरगद के पेड़ पर मौत का साा मरड़ाता है जिसके करण कोई भी इस पेड़ के पास जाने की हिम्मत नहीं करता। अगर कोई साहस जुटाकर इस पेड़ के पास जाता भी है तो मौत उसे गले लगा लेती है। आज हम आपको ऐसे ही एक बरगद के पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं।

आपको बता दें कि खून का प्यासा यह पेड़ पंजाब के फतेहपुर के साहिब जिले में मौजूद है। इस पेड़ को लेकर वहां के लोगों को मानना है कि यह नरभक्षी पेड़ लोगों का भक्षण करता है। बताया जाता है कि इस पेड़ के पास कोई भी नहीं जाता और 500 साल पुराने इस पेड़ की जड़े जहां कही तक जाती हैं वहीं तक लोग अपनी आवाजाही बंद कर देते हैं। इस खौफनाक पेड़ को लेकर यह भी कहा जाता है कि जो कोई भी इसके साथ छेड़खानी करने का प्रयास करता है तो उसके परिवार के किसी न किसी की मौत हो जाती है।

इस पेड़ को लेकर वहां के लोगों की यह मान्यता काफी पुरानी है। दरअसल, कई साल पहले इस जगह पर एक संत आया था। उसने वहां रह रहे किसान की कोई संतान न होने की बात सुनी थी। जिसके कल्याण के लिए संत ने किसान की पत्नी को भस्म दी। लेकिन किसान इस तरह के अंधविश्वास को नहीं मानता था जिसके कारण उसने अपनी पत्नी को संत के द्वारा दी गई भस्म को खाने से मना कर दिया। किसान ने वह भस्म संत से वापस लेने को कही लेकिन संत ने ऐसा नहीं किया। जिसके बाद उसने वह भस्म वहीं जमीन पर रख दिया। कहा जाता है कि जहां उस किसान ने वह भस्म रखी थी वहीं कुछ समय बाद एक बरगद का पेड़ निकल आया था। जो आज भी लोगों का खून पीने पर तुला हुआ है।