साध्वी प्राची को संसद में मिल गया आतंकी

साध्वी प्राचीलखनऊ| आतंकी संगठन आईएस के संदिग्धों को कानूनी मदद देने के बयान पर हिंदू नेता साध्वी प्राची ने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा है। उन्‍होंने कहा है कि ओवैसी ने यह साबित कर दिया है कि सदन में कुछ आतंकी बैठे हैं।

साध्वी ने आगे बोलते हुए कहा कि जब उन्‍होंने याकूब मेमन के मामले में सदन में कुछ आतंकी बैठे होने को कहा था तब उन्‍हें मानहानि का नोटिस भेजा गया था| अब ओवैसी आईएस के संदिग्धों की मदद देने को कह रहा है तो कहाँ हैं वो सेक्‍युलर लोग? जवाब दें कि वह आतंकवादी है या नहीं।

उन्होनें कहा कि केसी त्यागी, मायावती, राहुल गांधी, लालू यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे लोग शेर की खाल में भेड़िए हैं। ये हिंदुस्तान में रहकर मुस्लिमों के नाम पर आतंक का समर्थन कर रहे हैं। साथ ही देश में जितने अलगाववादी हैं, उन्‍हें पाकिस्तान और बांग्लादेश भेजा जाए।

वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा है कि सरकार ओवैसी जैसे लोगों की निगरानी कर रही है। ओवैसी बंधुओं ने पहले भी इस तरह के बयान दिए हैं, जिससे देश की अस्मिता पर सवाल खड़े हुए हैं। धर्म की आड़ में ऐसे लोगों को बढ़ावा देना चिंता का विषय है।

क्या कहा था ओवैसी ने

मजलिए-ए-इत्तहादुल मुस्लमीन यानी एमएआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि हैदराबाद से चार दिन पहले गिरफ्तार किए गए पांच संदिग्ध आईएस आतंकियो को उनकी पार्टी की तरफ से कानूनी मदद मुहैया कराई जाएगी| इस मामले में वो एक सीनियर वकील से राय ले रहे हैं|

हैदराबाद की मक्का मस्जिद में ओवैसी ने शुक्रवार को कहा था कि गिरफ्तार किए गए लोगों के परिजन उनके पास अपनी फ़रियाद लेकर आए थे। ओवैसी ने कहा था कि मेरी पार्टी उन लोगों को कानूनी मदद जरूर करेगी। मैंने उनके परिजनो से वादा किया है| इसके लिए मैंने नामपल्ली के सीनियर क्रिमिनल लॉयर अब्दुल अजीम से सलाह ली है।

ओवैसी ने साफ किया था कि वो आतंकवाद का समर्थन नहीं करते लेकिन केंद्र की ओर से इस मामले में में दोहरा रवैया अपनाने से निराश हैं| मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस हो या अजमेर ब्लास्ट केस, किसी भी मामले में केंद्र सरकार का स्पष्ट रुख अभी तक सामने नहीं आया|

उन्होंने कहा था कि मुस्लिम हमेशा से इस देश के लिए वफादार रहे हैं। आईएस कातिलों और रेपिस्टों का संगठन है उसका इस्लाम से कोई लेनादेना नहीं है। मैं, अल्लाह से दुआ मांगता हूं कि ये आतंकी संगठन खत्म हो जाए।

एनआईए ने की थी गिरफ्तारी

खुफिया इनपुट के आधार पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने बीते पिछले बुधवार को हैदराबाद के अगल-अलग इलाकों से 11 आईएस के संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इस जांच में ये सामने आया कि इन लोगों ने घर के किचन और बेसमेंट में हथियार छिपाया था। ये लोग सीरिया में बैठे आईएस के एक हैंडलर के टच में भी थे।

ये था मकसद

संदिग्धों ने घर के किचन और तहखाने में बर्तनों में खतरनाक विस्फोटक छिपाया था। ये लोग रमजान के दौरान मंदिर में गोमांस फेंककर दंगा कराना चाहते थे। इन लोगों के निशाने पर पुलिस स्टेशन, मंदिर, पब्लिक प्लेसेस और वीवीआईपी थे।

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