स्वतंत्रता दिवस 2020 : आजादी के दिन कहां थे महात्मा गांधी, जानिए अन्य रोचक बातें

15 अगस्त को पूरे भारत में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। सन् 1947 को ब्रिटिश हुकूमत से मिली आजादी के बाद से ही इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। अंग्रेजों से आजादी दिलाने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। लेकिन बहुत कम लोगों को यह पता है कि जब आजादी मिली थी तो महात्मा गांधी इस जश्न में नहीं थे। उस समय वह दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे। वहां वह हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे।

ज्ञात हो कि आजादी की निश्चित तिथि से दो सप्ताह पहले ही गांधी जी ने दिल्ली को छोड़ दिया था। उन्होंने चार दिन कश्मीर में बिताए और फिर वहां से वह ट्रेन से कोलकाता के लिए रवाना हो गये। जहां साल साल से चल रहा दंगा खत्म नहीं हुआ था। 15 अगस्त 1947 को जब आजादी मिली तो राष्ट्रपिता उस जश्न में शामिल नहीं हो सके। वह उस समय बंगाल के नोआखली में थे। वहां वह सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे। राष्ट्रपिता ने 15 अगस्त 1947 का दिन 24 घंटे का उपवास करके मनाया था।

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