शी चिनफिंग, पुतिन से लेकर नवाज और मेसी तक कैसे छिपाते हैं बेशुमार दौलत

xi-jinping_240x180_81459742077एजेन्सी/  नई दिल्ली: पनामा लीक्स के नाम से अब तक के सबसे बड़े टैक्स लीक का खुलासा हुआ है। इन दस्तावेजों से खुलासा होता है कि कैसे दुनिया के ताकतवर और प्रभावशाली लोग टैक्स हेवन का इस्तेमाल कर अपनी बेशुमार दौलत को छिपाते हैं। दरअसल, यह खुलासा पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका के करीब 1 करोड़ दस लाख दस्तावेजों के लीक होने से हुआ है।

इन दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि किस तरह से मोसेक फोंसेका ने अपने ग्राहकों को मनी लॉन्ड्रिंग टैक्स चुराने में मदद की।

किसने किया खुलासा
इंटरनेशनल कन्सॉर्शियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव ने पनामा पेपर्स के नाम से इन लीक दस्तावेजों को जारी किया। इन दस्तावेजों को दुनियाभर के 100 मीडिया ग्रुप्स के पत्रकारों ने देखा और इसे अब तक की सबसे बड़ी जांच बताया। इस जांच में 70 देशों के 370 रिपोर्टर शामिल थे।

लिस्ट में किसके-किसके नाम?
हांलाकि इस लिस्ट में नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, व्यापार से जुड़ी कई नामचीन हस्तियों के नाम हैं। ये बड़े नाम लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक जो बड़े नाम सामने आए हैं उनमें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनका परिवार, रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, इजिप्ट के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक, सीरिया के राष्ट्रपति बशर- अल-असद, पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और वर्तमान पीएम नवाज शरीफ शामिल है।

इन दस्तावेजों से पता चलता है कि पाकिस्तान के पीएम नवाज़ शरीफ के बेटे हुसैन और उनकी बेटी मरियन सफदर ने टैक्स हेवेन माने जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में कम से कम चार कंपनियां डालीं। इन कंपनियों से इन्होंने लंदन में छह बड़ी प्रॉपर्टीज खरीदी।

जांच में यह खुलासा हुआ कि शरीफ परिवार ने इन प्रॉपर्टीज को गिरवी रखकर डॉएचे बैंक से करीब 70 करोड़ रुपये का लोन लिया। इसके अलावा, दूसरे दो अपार्टमेंट खरीदने में बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ने वित्तीय मदद की।

भारत से कौन?
जहां तक भारत से जुड़े लोगों के नाम का सवाल है तो बताया जा रहा है भारत से जुड़े करीब 500 लोगों या कंपनियों को लेकर दस्तावेजों में जानकारी मौजूद है।

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