
कई जिम जाने वाले लोग वर्कआउट खत्म होते ही प्रोटीन शेक पीने को जरूरी मानते हैं। लेकिन क्या इसे तुरंत लेना वाकई जरूरी है? फैट लॉस और स्ट्रेंथ कोच सिमरन खोसला के अनुसार जवाब है—नहीं।
सिमरन अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहती हैं, “परिणाम देखने के लिए वर्कआउट के तुरंत बाद सप्लीमेंट की जरूरत नहीं होती।” असल में महत्वपूर्ण है पर्याप्त पोषण, जो मांसपेशियों की रिकवरी और ऊर्जा को फिर से भरने में मदद करे।
वर्कआउट के बाद क्या खाएं?
सिमरन सुझाती हैं कि सिर्फ प्रोटीन शेक पर ध्यान देने के बजाय तीन चीजों पर फोकस करें—प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और हाइड्रेशन। प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए, कार्ब्स ऊर्जा भंडार भरने के लिए, तथा पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स रिकवरी के लिए जरूरी हैं।
ये पोषक तत्व सप्लीमेंट से ही नहीं, बल्कि आम भारतीय खाने से भी मिल सकते हैं। उनके सुझाए विकल्प हैं—मूंग दाल के साथ चावल और घी, पनीर या अंडे के साथ चिल्ला और फल, उबले अंडे के साथ रोटी-सब्जी, तथा स्प्राउट्स या चना चाट नींबू और सेंधा नमक के साथ।
प्रोटीन शेक कब फायदेमंद है?
जब नियमित खाने से पर्याप्त प्रोटीन लेना मुश्किल हो, तब प्रोटीन शेक सुविधाजनक हो सकता है। लेकिन यह मजबूरी नहीं, सिर्फ सुविधा है। सिमरन कहती हैं, “अगर आप भोजन से ही अपनी प्रोटीन जरूरत पूरी कर रहे हैं तो वो काफी है।” वे तुरंत शेक पीने के तनाव से बचने की सलाह देती हैं और कहते हैं कि वर्कआउट के 1-2 घंटे के अंदर संतुलित और पौष्टिक भोजन पर ध्यान दें।
कुल मिलाकर, वर्कआउट के बाद का पोषण जटिल नहीं होना चाहिए। प्रोटीन और कार्ब्स वाला संतुलित भोजन पर्याप्त तरल पदार्थ के साथ सप्लीमेंट जितना ही प्रभावी हो सकता है, बशर्ते आपकी कुल डाइट पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा कर रही हो।
नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श लें।



