राजधानी की सड़कों पर दौड़ाई जा रही मौत की बसें ! परिवहन विभाग के सभी दावे फेल…

रिपोर्ट – नीरज श्रीवास्तव

लखनऊ : उत्तर प्रदेश परिवहन निगम यात्रियों की जिंदगी के साथ किस तरह का खिलवाड़ करते हैं आज हम आपको इस हकीकत से रूबरू करवाएंगे और दिखाएंगे की सड़कों पर सरकारी बसों के नाम पर मौत दौड़ाई जा रही है |

जी हां चौंकिए नहीं यह सही है और यह हकीक़त कही और की नहीं बल्कि चारबाग बस डिपो में देखने को मिली |

ये यात्रियों की सुविधाओं के लिए बसें नहीं है बल्कि उनको मौत की दहलीज तक पहुँचने के लिए बसें हैं जो यमराज का काम कर रही हैं | पर जिम्मेदार आला हाकिम को इससे कोई फर्क नही पड़ता | यात्रियों कि जान जाए या चालक परिचालक की इनकी बला से |

इनको तो एयर कंडीशनर रूम से निकलने की फुर्सत ही नहीं है | बसों की जर्जर तस्वीरों के बाद आपको उन बसों की तस्वीरें भी दिखाते है जो थोड़ा बहुत तो सही है पर वह बिना धक्का प्लेट के स्टार्ट भी नहीं होती |

अगर रास्ते में कहीं बस बंद हो गई तो यात्रियों को ही अपने गंतव्य तक जाने के लिए पहले धक्का लगाना पड़ेगा |

 

छेड़खानी का विरोध करने पर गांव के दबंगों ने युवती और युवती के परिजनों को गांव में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा !

 

बस परिचालक ने तो खुद कबूल किया कि ये बसें नहीं यमराज हैं जो कब यात्रियों को ऊपर पहुंचा दे पता नहीं | अधिकारियों को भी पता है ये बसें सड़को पर चलने लायक नहीं है पर उनको इनकम से मतलब है |

लोगों की जिंदगी जाए उनकी बला से | वहीं यात्रियों का साफ कहना है कि ये बसें सड़क पर चल ही नहीं सकती पर जबरन चलवाई जा रही हैं | इन बसों को कोई सुविधा ही नहीं है |

लाइव टुडे के रियल्टी चेक में साफ देखा गया है कि जिस तरह का दावा परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह करते हैं वह जमीनी हकीकत में एकदम झूठा है | यही नहीं चारबाग डिपो के जिम्मेदार अधिकारी भी जान बूझकर यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं |

अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे लापरवाह व गैरजिम्मेदाराना हरकत करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही का चाबुक चलेगा या फिर ये लोग ऐसे ही उत्तर प्रदेश के साथ साथ परिवहन मंत्री के सपने को साकार करने में अड़ंगा लगाते रहेंगे |

 

=>
LIVE TV