
नई दिल्ली। पिछले कई दिनों से मोदी सरकार की कैबिनेट में फेरबदल की खबरें चर्चा में हैं। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। वहीं अब इस मामले में एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मोदी कैबिनेट के विस्तार में हो रही देरी की वजह बीजेपी का एक बड़ा नेता माना जा रहा है। ये नेता कोई और नहीं बल्कि यूपी के गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ हैं।
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योगी आदित्यनाथ लेंगे बड़ा फैसला
खबरों के मुताबिक ये सारा पेंच योगी आदित्यनाथ की वजह से उलझा हुआ है, पार्टी उनको मनाने में लगी हुई है लेकिन योगी बिल्कुल भी मानने को तैयार नहीं हैं। दरअसल ये पूरा मामला यूपी में बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के चेहरे से जुड़ा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक योगी यूपी में सीएम पद के उम्मीदवार बनना चाहते हैं लेकिन बीजेपी उन्हें यह भूमिका नहीं देना चाहती।
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अब ये तो सभी को पता है कि योगी उग्र तेवरों वाले हिंदूवादी नेता हैं और अगर उनको चेहरा बनाया जाता है तो संभव है कि उदार हिंदुओं का एक वर्ग बीजेपी से दूरी बना सकता है। वहीं दूसरी तरफ योगी की पकड़ पश्चिमी यूपी में उतनी नहीं मानी जाती जितने मजबूत वह पूर्व में हैं। अब इस स्थिति में बीजेपी चाहती है कि योगी केंद्रीय कैबिनेट में जगह ले लें और इसके एवज में सीएम पद की रेस से अपना नाम वापस ले लें। सूत्रों के अनुसार योगी इस बात के लिए राजी नहीं हो रहे जिसकी वजह से ही केंद्रीय कैबिनेट का विस्तार अटका हुआ है।
हालांकि इस पूरे मामले पर योगी की ओर से कोई सार्वजनिक बयान या प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की गई है। वहीं यूपी में सीएम पद के चेहरे के लिए उनकी अपनी हिंदूवादी सेना हिंदू युवा वाहिनी इसके लिए काफी अर्से से मोर्चा खोले हुए है। इसके लिए वह जबरदस्त पोस्टर अभियान भी चला रही है।
खबर यह भी है कि 22 जुलाई को पीएम मोदी गोरखपुर के दौरे पर होंगे। यहां वह खाद्य कारखाना और एम्स का शिलान्यास करेंगे। माना जा रहा है कि यह योगी को मनाने का भी एक तरीका है। पीएम की चली तो यूपी भाजपा के अगले सीएम उम्मीदवार योगी आदित्यनाथ नहीं होंगे।