उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: तवाघाट-सोबला सड़क बाधित, रामबन-रियासी में भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड के तवाघाट-सोबला सड़क पर सुवा झूला पुल के पास भारी बोल्डर गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि सड़क को खोलने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण कार्य में बाधा आ रही है। भारी बारिश और भूस्खलन के जोखिम ने स्थानीय प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।

जम्मू-कश्मीर में 2 सितंबर तक ऑरेंज अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर के जम्मू संभाग में 2 सितंबर 2025 तक भारी बारिश और भूस्खलन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान रामबन, रियासी, उधमपुर, सांबा, कठुआ, राजौरी, पुंछ, डोडा, और किश्तवाड़ जिलों में भारी बारिश (11-20 सेमी) और बादल फटने की आशंका है। कश्मीर संभाग में इसका असर कम होगा, जहां हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। प्रशासन ने नदियों के किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

रामबन और रियासी में भूस्खलन का संकट

रामबन और रियासी में पुराने भूस्खलन क्षेत्र फिर से सक्रिय हो गए हैं। नाशरी टनल से पंथ्याल तक का 20-30 किलोमीटर का क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील है। पश्चिमी हिमालय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक रियाज मीर के अनुसार, एनएच-44 पर सड़क निर्माण के लिए चट्टानों को काटने, मेन बाउंड्री थ्रस्ट (एमबीटी) की मौजूदगी, जलवायु परिवर्तन, और रामबन की मुरी चट्टान संरचना ने इस क्षेत्र को भूस्खलन के लिए अति संवेदनशील बना दिया है। चट्टानों के कटाव से ढलानें अस्थिर हो रही हैं, और भारी बारिश मलबे को बहाकर ले जा रही है, जिससे सड़कें और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हो रहा है।

हाल की तबाही का लेखा-जोखा

  • रामबन: भारी बारिश ने चंदेरकोट, केला मोड़, और बैटरी छेश्मा में भूस्खलन को बढ़ावा दिया, जिससे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। यह हाईवे कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र ऑल-वेदर सड़क है।
  • रियासी: 27 अगस्त को वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हुई थी।
  • किश्तवाड़: 14 अगस्त को बादल फटने से 65 लोगों की जान गई थी।
  • तवी नदी: जम्मू में तवी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

राहत और बचाव कार्य

  • उत्तराखंड: तवाघाट-सोबला सड़क को खोलने के लिए मशीनरी और टीमें तैनात की गई हैं, लेकिन मौसम की बाधा के कारण कार्य धीमा है।
  • जम्मू-कश्मीर: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और सेना राहत कार्यों में लगी है। जम्मू में 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं: जम्मू (0191-2571616), रामबन (01998-29550), रियासी (9419839557)।
  • प्रशासन की कार्रवाई: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीएम नरेंद्र मोदी को स्थिति से अवगत कराया, जिन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मृतकों के परिवारों को 9 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

जलवायु परिवर्तन और भूस्खलन का खतरा

वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। रामबन और रियासी में ढलानों की अस्थिरता, सड़क निर्माण, और प्राकृतिक भूगर्भीय संरचनाएं इस खतरे को और बढ़ा रही हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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