यूपी के मेरठ के लिए आई बहुत ही अच्‍छी खबर, पुरातात्विक विभाग का स्‍वतंत्र सर्किल बनाने की हुई घोषणा

यूपी के मेरठ के लिए बहुत ही अच्‍छी खबर आई है। मांग हुई थी कि मेरठ को पुरातात्वि विभाग घोषित किया जाए। अब इसकी घोषणा कर दी है। इसकी जानकारी केंद्रीय पर्यवरण मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ट्वीटर से साझा की है। यह प्रदेश में तीसरा सर्किल होगा। इससे पहले यूपी में दो पुरातात्विक सर्किल घोषित हुए थे।

सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भारत सरकार के संस्कृति एवं ने पर्यटन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल जी से भेंट कर मांग की थी कि मेरठ को पुरातात्विक विभाग का स्वतंत्र सर्किल बनाया जाए। इस संबंध में उन्‍होंने इसका आश्‍वासन दिया था। आज मंत्री ने ट्वीट कर पुरातत्व विभाग का स्वतंत्र सर्किल बनाए जाने की घोषणा की। उन्‍होने लिखा कि आज भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण विभाग ने युक्तियुक्तकरण करते हुए नए सर्किल का गठन किया है। बताया कि यूपी में लखनऊ और आगरा के साथ बुंदेलखंड में झांसी और पश्चिमी उप्र में मेरठ (नए सर्किल) होगा।

क्‍या होंगे लाभ

मेरठ में पु‍रातात्विक विभाग के नया सर्किल बन जाने के बाद से यहां के इतिहास का संग्रह कर उनको सुरक्षित किया जा सकेगा। साथ ही इसे पर्यटन की दृष्टि से भी विकसीत किया जा सकेगा। इतना ही नही आसपास के क्षेत्र में भी इतिहास के संग्रहण के लिए काम किया जाएगा। केंद्र सरकार ने अपने पिछले वजट में हस्तिनापुर में महाभारत के इतिहस से जुड़े होने के कारण वहां म्‍यूजियम बनाने की घोषण की थी। इसका भी लाभ मेरठ और हस्तिनापुर को जल्‍द मिल सकेगा।  

सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने लिखा था पत्र  

केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने 12 अगस्‍त को पत्र लिखा था।  इस पत्र के माध्‍यम से उन्‍होंने बताया था कि क्‍यों मेरठ को पुरातात्विक विभाग का सर्किल बनाएं जाने की आवश्‍यकता है। सांसद ने लिखा था कि मेरठ ऐतिहासिक, सांस्‍कृतिक, आर्थिक व समाजिक दृष्टि से पश्चिमी उप्र का मुख्‍यालय है। इस 1857 की क्रांति का उदगम स्‍थल भी मेरठ ही है। यहां महाभारत का प्राचीनकालीन इतिहास जुड़ा हुआ है। उन्‍होंने आगे लिखा था कि मेरठ के आसपास कहीं भीखोदाई की जाती है तो वहां से ऐतिहासिक तत्‍व प्राप्‍त होते हैं, जो अपने आप में ही महत्‍व रखते हैं। मेरठ के गांव सिसौला में एक तांबे का रथ प्राप्‍त हुआ था, जिसका इतिहास लगभग 4000 वर्ष से अधिक माना गया था। उन्‍होंने मेरठ में पुरातत्‍व सर्किल के महत्‍व को बताते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मांग की थी। बता दें कि अभी मेरठ आगारा के सर्किल में आता है।  

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