मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल आज संसद में हो सकता हैं पेश , जाने इसकी अहम बातें…

आज संसद में मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल पेश किया जा सकता है। वहीं केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालाय नितिन गडकरी ने इस बिल को सोमवार को पेश करना प्रस्ताव किया है। देखा जाये तो पुराने बिल के मुकाबले इसके केवल तीन हिस्सों में ही बदलाव किया गया है। लेकिन पुराना बिल 16वीं लोकसभा भंग होने के साथ ही समाप्त हो गया था, जिसे फिर से नई लोकसभा के सत्र में पेश किया जाएगा।

 

 

बतादें की नए संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में सड़क यातायात उल्लंघन को लेकर नियमों को कड़ा किया गया है। जानकरी के अनुसार केंद्र ने मोटर व्हीकल संशोधन बिल, 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की एक धारा को बदलने का प्रस्ताव रखा है।

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वहीं इसके तहत राज्यों को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए वाहन पंजीकरण डाटा को केंद्रीयकृत करने के लिए रजिस्टर को मेंटेन करने का निर्णय लेने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वाहन के रजिस्ट्रेशन में देरी होने पर 100 रुपये से बढ़ा कर 5000 रुपये जुर्माने की भी व्यवस्था की गई है।

संशोधित बिल में यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि अगर ड्राइविंग के दौरान जरा सी भी लापरवाही की, तो तकरीबन 10 गुना तक जुर्माना चुकाना पड़ सकता है। नए बिल में सभी राज्यों में यूनिफॉर्म ड्राइविंग लाइसेंस और व्हीकल रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को ऑनलाइन नेशनल रजिस्टर में शामिल करने की व्यवस्था की गई है।

अगर नाबालिग ड्राइविंग के दोषी पाये जाते हैं तो कार के रजिस्ट्रेशन को खत्म करने के साथ उसके पैरेंट्स पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं हिट एंड रन मामलों में 10 लाख रुपये तक का मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है।

दरअसल केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भी अगली बैठक में मोटर व्हीकल बिल में बदलावों को मंजूरी देने की तैयारी कर रहा है। बिल में सशोधनों को ज्यों का त्यों रखा गया है। इसमें सबसे बड़ा खास बदलाव यह होगा कि लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में आधार को जरूरी किया जा सकता है।

वहीं सभी राज्यों में रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को कंप्यूटराइज करके यूनीफॉर्म रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू किया जाएगा। साथ ही, सरकार वन-नेशन-वन-टेक्स स्कीम को लागू करने की योजना बना रही है, जिसके बाद एक राज्य से दूसरे राज्य में वाहन चलाना आसान हो जाएगा।

खबरों के मुताबिक सामान ढोने वाले वाहनों में प्रदूषण के स्तर का पता लगाने के लिए ऑटोमैटेड फिटनेस टेस्टिंग को शुरू किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जो 1 लाख रुपये तक बढ़ सकता है, और राज्य सरकारें इसे 10 गुना तक बढ़ा सकती हैं।साथ ही इस बिल में जो सबसे बड़े बदलाव होंगे, उनमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी-भरकम जुर्माना, अगर नाबालिग से कोई दुर्घटना होती है, तो वाहन का मालिक भी आपराधिक रूप से भागीदार होगा, ऑटो कंपनियां वाहनों को रिकॉल करके खराब पार्ट्स को बदलेंगी और घायलों की मदद करने वालों को सुरक्षा मिलेगी।

वहीं अगर शराब पीकर वाहन चलाने पर 2 हजार की बजाय 10 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। वहीं रैश ड्राइविंग पर जुर्माना 1 हजार से बढ़ा कर 5 हजार रुपये कर दिया गया है।

बिना लाइसेंस ड्राइविंग करने पर 500 रुपये बढ़ा कर 5 हजार रुपये, ओवरस्पीडिंग पर 400 रुपये से बढ़ा कर 1000-2000 रुपये। बिना सीटबेल्ट ड्राइविंग करने पर 100 रुपये से बढ़ा कर 1000 रुपये जुर्माना लगेगा।

 

 

 

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