पाटीदार आंदोलन गुजरात में हुआ उग्र, मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद

patidar-andolan_1460948508एजेंसी/ गुजरात के मेहसाणा में हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी के विरोध में रविवार को शुरू हुए आंदोलन के बाद पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) ने सोमवार को बंद का ऐलान किया है। इस दौरान प्रशासन ने हिंसा और आंदोलन के उग्र होने के मद्देनजर मेहसाणा के अलावा सूरत और राजकोट में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को ऐहतियातन 19 अप्रैल तक बंद कर दिया है।

गौरतलब है कि रविवार को शुरू हुए इस आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया था। आंदोलन में शामिल लोगों ने दो इमारतों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस की कई गाड़ियों को क्षति पहुंचाई। रविवार को भीड़ को बेकाबू होता देख प्रशासन ने मेहसाणा में कर्फ्यू लगा दिया था। लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा था।

सरदार पटेल ग्रुप (एसपीजी) ने पटेल समुदाय को आरक्षण देने तथा जेल में बंद हार्दिक पटेल समेत दूसरे पाटीदार नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन का एलान किया था। रविवार को समुदाय के हजारों लोग शहर के मोढेरा चौराहे पर जुटे थे। उनकी अगुवाई एसपीजी के प्रमुख लालजी पटेल कर रहे थे। उनका आरोप है कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था। वे लोग जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ रहे थे कि तभी पुलिस ने भीड़ को उकसाने के लिए लालजी और उनके संगठन के कुछ सदस्यों पर लाठी से वार किया। लालजी के सिर पर चोट आई है। इसके बाद हालात काबू से बाहर होते गए।राज्य के प्रभारी डीजीपी पीपी पांडेय का कहना है कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों के हिंसक होने के बाद स्थिति बिगड़ी। पुलिस कंट्रोल रूम के एक अधिकारी ने बताया कि आंदोलन स्थल पर वाटर कैनन और आंसू गैस के गन के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। जब भीड़ की तरफ से पथराव होने लगा और वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लगे तो पुलिस ने पहले पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इसके बाद लोगों को तितरबितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

मेहसाणा के जिलाधिकारी लोचन सेहरा के अनुसार हिंसक भीड़ ने फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के एक गोदाम और एक जिला कार्यालय में आग लगा दी है। पथराव में एक उप खंड मजिस्ट्रेट और राजस्व अधिकारी तथा पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। वहीं पुलिस कार्रवाई में 25 लोग घायल हुए हैं। मेहसाणा में लालजी समेत 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

उधर मेहसाणा की घटना की खबर जब सूरत में पहुंची तो वहां भी पटेल समुदाय के लोग उग्र हो उठे और सड़कों पर उतर आए। कुछ स्थानों पर आंदोलनकारियों ने कूड़े में आग लगाकर रास्ता बंद करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस के तुरंत हरकत में आने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। यहां 435 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गौरतलब है कि पाटीदार आंदोलन की शुरुआत करने वाले हार्दिक पटेल देशद्रोह के आरोप में पिछले आठ महीनों से सूरत की लाजपोर जेल में बंद हैं।

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