नैनी सेंट्रल जेल में प्रशासन की नयी पहल, जेल के कैदी सीख रहे मशरूम की खेती

प्रयागराज  के नैनी सेंट्रल जेल में जेल की रोटी खाने के साथ कैदियों को मेहनत की रोटी खाने की कला सिखाईं जा रही है। जाने अनजाने अपराध करने के कारण सजा पाए अपराधियों को जुल्म और जरायम की दुनिया से निकालने की पहल नैनी सेंट्रल जेल प्रशासन कर रहा है।जेल प्रशासन सजा काट रहे कैदियों को सजा भुगतने के बाद सम्मान की जिंदगी जीना सिखा रहा है।

कैदी सीख रहे खेती

जेल के अंदर गाना गा रहे ये कैदी अपने अपराध का बोध करने के बाद गीत संगीत से अपने मष्तिष्क को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं ।इन कैदियों को जेल के अंदर ही कई तरह की कारीगरी सिखाइ जा रही है।

मैदान में जश्न मना रहे इन कैदियों को कम बजट में मशरूम की खेती कैसे हो यह सिखाया जा रहा है ताकि वह बाहर निकल कर के अपना स्वरोजगा र कर सके और सम्मान की जिंदगी जी सकें इतना ही नहीं प्रयागराज में नैनी सेंट्रल जेल के अंदर दर्जनों से ज्यादा स्वरोजगार के गुर सिखाये जाते हैं और यहां के कैदियों द्वारा बनाए गए.

उत्पाद को देश की अलग-अलग बाजारों में स्वीकार किया जाता है और सबसे बड़े खुशी की बात यह है कि यहां के कैदियों द्वारा बनाई गई कुर्सी पर बैठकर न्याय देते हैं देश के न्यायधीश,जी हां देश के ज्यादातर न्यायालयों में नैनी सेंट्रल जेल के अपराधियों द्वारा बनाई गई कुर्सी भेजी जाती है.

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जिन पर बैठकर के न्यायाधीशों द्वारा न्याय किया जाता है और गुनाह  के हिसाब से उन्हें सजा दी जाती है।नैनी सेंटर जेल में 10 दिवसीय मशरूम की खेती का विशेष प्रशिक्षण दिया गया.

जिसमें 28 कैदियों का चुनाव किया गया और इन्हें प्रशिक्षण देकर के एक सम्मानजनक जिंदगी जीने का अवसर प्रदान किया जा रहा है. जिससे यह कारागार से बाहर निकल कर समाज में एक सम्मानजनक जिंदगी जी सके पाप की सजा भुगतने के बाद प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें प्रशस्ति पत्र भी दिया गया।

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