JNU देश के टॉप शिक्षण संस्थाओं में सबसे बेहतर विश्वविद्यालय

images (20)एजेन्सी/नई दिल्ली।भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विभिन्न श्रेणियों में देश की 10 सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थाओं की लिस्ट जारी की है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को विज्ञान भवन में ‘इंडिया रैंकिंग्स लिस्ट 2016’ जारी किया। 

यह लिस्ट नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत जारी की गई है, जो देश की शिक्षण संस्थाओं को लेकर सरकार की ओर से जारी की गई अपनी तरह की पहली रैंकिंग लिस्ट है।

इसकी घोषणा करते हुए मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, ‘यदि हमें दुनिया की दस सबसे बेहतरीन शैक्षणिक संस्थानों की सूची में आना है तो हमें अपना पाठ्यक्रम बदलना होगा और उन्हें वर्लक्लास बनाना होगा।’ 

उन्होंने कहा कि इस बात का प्रयास है कि रैकिंग प्रणाली को वार्षिक आधार पर निकाला जाए तथा और श्रेणियों को जोड़ा जाए ताकि छात्र दाखिला लेने से पहले संस्थान के बारे में जान सकें।

प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थानों में IIT मद्रास एवं IIM बेंगलुरु अव्वल

सरकार की ओर से जारी की गई इस लिस्ट के मुताबिक इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट्स में आईआईटी मद्रास पहले, आईआईटी मुंबई दूसरे और आईआईटी खड़गपुर तीसरे स्थान पर हैं। वहीं मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट्स में आईआईएम बेंगलुरु, आईआईएम अहमदाबाद को पछाड़ते हुए पहले स्थान पर है।

JNU देश का सबसे बेहतरीन विश्वविद्यालय

हाल ही में देश विरोधी नारों के चलते विवादों में घिरी जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी इंडिया रैंकिंग 2016 में देश का सबसे बेहतर विश्वविद्यालय आंका गया है। इस लिस्ट में सबसे ऊपर आईआईएससी बेंगलुरु और इंस्टीट्यूट ऑफ कैमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई हैं, जबकि तीसरे नंबर पर जेएनयू है। यानी विश्वविद्यालयों में सबसे ऊपर। 

रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद विवादों से घिरी हैदराबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी को इस सूची में चौथे नंबर पर रखा गया है। यानी विश्वविद्यालयों में जेएनयू के बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय देश का दूसरा सबसे बेहतर वि​श्वविद्यालय है।

रैंकिंग में चार श्रेणियों की 3500 संस्थाएं शामिल

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा जारी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग रूपरेखा (एनआईआरएफ) में चार श्रेणी के 3500 विभिन्न संस्थाओं को शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय श्रेणी में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु (जो एक मानद विश्वविद्यालय है) को शीर्ष रैकिंग वाला संस्थान माना गया है, जबकि रसायन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईसीटी) मुंबई का स्थान इसके बाद है। 

विशेषज्ञों की समिति ने इस रैंकिंग के लिए जिन कारकों को चुना उनमें छात्रों, पूर्व छात्रों, अभिभावकों, कर्मचारियों एवं जनता के बीच धारणा प्रमुख है। शिक्षण एवं अध्ययन संसाधन, शिक्षा परिणाम, अनुसंधान आदि अन्य कारक हैं।

देशद्रोह के आरोपों में पिछले दिनों गिरफ्तार किए गए जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार कहा है कि केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जेएनयू को रैंकिंग में तीसरा स्थान दिया जाना ‘बेतुका’ है। कन्हैया ने कहा, ‘यह बेतुका लगता है क्योंकि एक तरफ तो मानव संसाधन विकास मंत्रालय हमारी स्वायत्तता पर हमला करता है और दूसरी तरफ हम उसी को लेकर रैंकिंग में तीसरे नंबर पर भी हैं।’

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