जानिए मोबाइल सिग्नल बन सकता हैं विमान दुर्घटना का कारण , रिसर्च में हुआ खुलासा…

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक अमेरिका में रजिस्टर्ड 1,300 से अधिक जेट विमाानों के कॉकपिट ऐसी स्क्रीन से लैस हैं, जो मौसम के रडार, वाई-फाई, मोबाइल फोन सिग्नल जैसी फ्रीक्वेंसी को पकड़ सकते हैं।

 

 

बतादें की अपने विमानों में ऐसी स्क्रीन का इस्तेमाल कर रहीं एयरलाइंस कंपनियों को आदेश दिया गया है कि वे नवंबर 2019 तक अपने विमान में लगी इस स्क्रीन को बदलें। लेकिन इन स्क्रीन को हनीवेल इंटरनेशनल इंक ने तैयार किया है।

 

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वहीं हवाई यात्रा के दौरान स्मार्टफोन इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है। लेकिन कई लोगों को यह बात बुरी भी लगती है। जहां जल्द ही सरकार हवाई जहाज में वाई-फाई की सुविधा देने की बात कर रही है।

देखा जाये तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आपका मोबाइल नेटवर्क (सिग्नल) विमान क्रैश का कारण बन सकता है। साल 2014 में अमेरिकी अधिकारियों ने अंदेशा जताया था कि मोबाइल सिग्नल और कुछ रेडियो सिग्नल के चलते विमान दुर्घटनाएं हो सकती हैं। जहां बोइंग 737 और बोइंग 777 जैसे विमान के लिए तो मोबाइल सिग्नल जानलेवा हैं।

दरअसल हनीवेल का कहना हैं कि रेडियो फ्रीक्वेंसी और मोबाइल सिग्नल की वजह से किसी विमान की मुख्य डिस्प्ले ब्लैंक नहीं हो सकती है। यह बात हनीवेल के प्रवक्ता नीना क्रस ने कही है।

एयरलाइंस का दावा है कि रेडियो और मोबाइल सिग्नल के कारण विमान हादसे हो सकते हैं। जहां फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने इस दावे की टेस्ट के जरिए पुष्टि भी की है।

 

 

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