गोंडा के झारखंडी गांव में “बत्ती गुल मीटर चालू”, बिना जलाये ही हजारों का बिजली बिल दे रहे ग्रामीण

REPORT- Vishal Singh/Gonda

“बत्ती गुल मीटर चालू” कुछ ऐसा ही वाक्या गोण्डा जिले में पंडरी कृपाल विकास खण्ड के महादेवा झारखंडी गांव में देखने को मिला। इस गांव में घर – घर में बिजली का कनेक्शन मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना के तहत हो गया है.

लेकिन उसके बाद भी पिछले सात महीनों से एक भी घर मे एक बल्ब भी नही जला और चौंकाने वाली बात तो यह है कि घरों में लगे मीटर चलते रहे और अब इस गांव के एक – एक घर का बिजली का बिल 4 हज़ार से 5 हज़ार तक आ गया।

इससे परेशान गांव वालों ने गुहार अधिशाषी अभियंता विद्युत विभाग, कमिश्नर और डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक लगाई लेकिन कही कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

परेशान ग्रामीण

बिजली का बिल दिखा रहा यह ग्रामीण परेशान इसलिए है कि इनका बिजली का बिल 4 हज़ार पांच सौ रुपये आया है और इन गांव वालों की गलती बस इतनी है कि इन्होंने पिछले कई सालों से अपने घर में एक भी बल्ब नहीं जलाया। शहर से महज छः किलोमीटर दूर बसे बेहड़ा चौबे गांव में पिछले वर्ष 2018 में खम्बे लगाकर उस पर तार खींचकर घर घर बिजली का कनेक्शन सौभाग्य योजना के तहत विद्युत विभाग से कार्यदायी संस्था द्वारा दे दिया गया .

साथ में बिजली विभाग ने हर घर मे मीटर भी लगवा दिया। इन सब के बावजूद पिछले साथ – आठ महीनों से इस गांव में बिजली तो नहीं आई लेकिन बिजली का बिल लगातार आता रहा .

यहीं नहीं कनेक्शन के दौरान विभागीय कर्मचारियों व ठेकेदार ने इन गांव वालों से खुशहाली के के लिए 100 -100 रुपये मिठाई खाने के नाम पर लिए। दीवारों पर लगे बिजली के ये मीटर खुद अपनी कहानी बयां कर रहे है .

इन मीटरों के अंदर बिजली का करंट तो नहीं दौड़ा लेकिन इन पर धूल की परत जरूर जम गई, इन्हें देखने से लगता है कि ये कभी चालू नहीं हुए है और अब ये सिर्फ दीवारों की शोभा बढ़ा रहे है, तो गांव के बाहर खम्बे पर लड़ते तार और ट्रांसफर्मर इस गांव की उल्टी दस्ता बया कर रहे है। महीनों से लटके तार में करंट न दौड़ने के कारण अब ग्रामीणों में आक्रोश है .

सरकार से लोंगों को उम्मीद थी कि इनकी यह समस्या दूर हो जाएगी लेकिन यह उम्मीद भी धरी की धरी रह गयी और गांव के हालात नही बदले।

बिजली न आने से ग्रामीण पहले से ही दुखी थे लेकिन इन पर दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा जब बिजली विभाग इन पर बिजली का बिल जमा करने के लिए दबाब बनाने लगा। इनका कहना है हम अपनी आप बीती लेकर एक्ससीएन और डीएम के पास गए .

जिस पर विभाग के एक्ससीएन ने गांव वालों से कहा कि आपकी समस्या का निराकरण किया जाएगा और बिल माफ कराकर सप्लाई भी चालू कराई जाएगी लेकिन विभाग का आश्वासन भी कोरा साबित हुआ।

जंहा इस गांव महादेवा झारखंडी में रहने वाले ग्रामीण कह रहे है कि हमारे घर बिजली का कनेक्शन तो है लेकिन बिजली जलती नही और तो और ऊपर से बिजली का बिल आ जाता है जिसका हमने उपयोग भी नही किया है .

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हम लोगों को पढ़ाई में दिक्कत होती है और रात में कंही भी जाने पर डर लगता है। कागजों में बिजली से रोशन यह गांव पिछले कई महीनों से बल्ब की रौशनी का इंतजार कर रहा है .

यह इंतज़ार इन्हें कब तक करना पड़ेगा ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन जिले के अधीक्षण अभियंता राम स्वरूप ने एक सप्ताह के अंदर इस गांव की समस्या दूर कर बिजली बहाली का वादा किया है।

अभियंता ने विभाग की लापरवाही मानते हुए कहा कि इस मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नोटिस भेज कार्यवाही की जाएगी। बिजली के बिलों के बारे में बोलते हुए अभियंता राम स्वरूप ने कहा कि गांव वालों ने एक बल्ब भी नही जलाया और उनका बिल चार्ज लिया जा रहा तो उनका बिल माफ हो जाएगा।

 

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