ऑस्ट्रेलिया के पूर्व आर्कबिशप बाल दुर्व्यवहार मामलों में अदालत पलटा फैसला

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने गुरुवार को पहले के फैसले को पलटते हुए यहां के पूर्व आर्कबिशप फिलिप विल्सन को बरी कर दिया। उन पर बाल यौन दुर्व्यवहार के मामलों को चर्च की सुरक्षा खातिर दबाने का दोषी करार दिया गया था। समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायाधीश ने उनकी एक साल की सजा को भी वापस ले लिया है, जिसे वह नजरबंदी के तौर पर काट रहे थे।

68 वर्षीय विल्सन दुनिया के सबसे वरिष्ठ कैथोलिक पादरी हैं, जिन्हें यौन दुर्व्यवहार के मामलों को दबाने के लिए दोषी करार दिया गया था। इस मामले की सुनवाई मई में समाप्त हुई थी।

इस साल की शुरुआत में एक पुलिस जांच में विल्सन को पादरी जेम्स फ्लेचर द्वारा दो सेवाकर्मी लड़कों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों को दबाने के लिए दोषी ठहराया गया था। मामला 1970 के दशक का है।

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फ्लेचर को 2004 में दुर्व्यवहार के लिए दोषी करार दिया गया था और दो साल बाद उसकी मौत हो गई थी।

विल्सन ने न्यूकासेल जिला अदालत न्यायाधीश रॉय एलिस के समक्ष अपील दायर कर पुनर्विचार को कहा था।

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रिपोर्ट के मुताबिक, एलिस ने गुरुवार को विल्सन की अपील को सही ठहराया और निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को खारिज कर दिया।

राष्ट्रीय प्रसारक एबीसी के मुताबिक, एलिस ने कहा, “इसका कोई ठोस सबूत नहीं है, जिसके आधार पर मैं फादर विल्सन के सबूतों को खारिज कर सकूं।”

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