आधार कार्ड बनवाने और सही कराने के लिए देने होंगे इतने रूपए

नई दिल्ली। आधार पंजीकरण और बायोमीट्रिक संशोधन पर सरकार का खर्च अब बढ़ जाएगा। हाल ही में सरकार ने आधार केंद्रों को प्रत्येक पंजीकरण और संशोधन पर दिए जाने वाले शुल्क को दोगुना कर दिया है। नई दरें पहली जनवरी से लागू हो गई हैं।

वर्तमान में आधार के पंजीकरण की जिम्मेवारी बैंकों और डाकघरों के पास हैं। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक पहली जनवरी से आधार में बायोमीट्रिक संशोधन कराने के लिए दी जाने वाली फीस में दोगुनी वृद्धि की गई है।

पहले इसके लिए लोगों को आधार रजिस्ट्रेशन केंद्र पर 25 रुपए का शुल्क देना होता था, लेकिन नए साल से इसका शुल्क बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह सरकार ने आधार पंजीकरण के लिए केंद्रों को प्रत्येक पंजीकरण पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में भी वृद्धि कर दी है।

अभी तक प्रत्येक पंजीकरण पर केंद्रों को 50 रुपए का शुल्क मिलता था, लेकिन नए साल से शुल्क की इस राशि को बढ़ाकर 100 रुपए प्रति पंजीकरण कर दिया गया है। इसी तरह प्रत्येक बायोमीट्रिक संशोधन के लिए केंद्रों को मिलने वाले शुल्क को भी सरकार ने 50 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए कर दिया है।

वर्तमान में आधार का पंजीकरण और बायोमीट्रिक संशोधन का काम बैंकों और डाकघरों के हवाले हैं। आधार जारी करने वाली संस्था यूआईडीएआई ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन आने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से आधार संबंधित सेवाओं का काम वापस ले लिया है। इसलिए शुल्क में वृद्धि का लाभ भी डाकघरों और बैंकों को मिलेगा।

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जबकि ग्रामीण स्तर के उद्यमियों की तरफ से संचालित होने वाले सीएससी की आय का यह बड़ा स्रोत था।सीएससी यह सुविधा वापस लिए जाने के बाद काफी आंदोलित हैं। हाल ही में संसद की आईटी संबंधी स्थायी समिति के चेयरमैन अनुराग ठाकुर ने भी सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखकर सीएससी के लिए फिर से यह सेवा बहाल कराए जाने को कहा है।

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