आतिशबाजी में हुआ था पोटैशियम क्लोरेट का इस्तेमाल

एजेंसी/l_uu-1460490853तिरुवनंतपुरम।

केरल में कोल्लम के पुत्तिंगल मंदिर में हुई आतिशबाजी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित रसायन पोटैशियम क्लोरेट का प्रयोग किया गया था। मुख्य विस्फोटक नियंत्रक सुदर्शन कमल की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

कमल ने बताया कि विस्फोटक नियमों का उल्लंघन करके इस आतिशबाजी में प्रतिबंधित पोटैशियम क्लोरेट का प्रयोग किया गया।

उन्होंने कहा कि अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने के लिए इस रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया, जिसके सूर्य की किरणों के संपर्क में आने से विस्फोट हो सकता है। अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनंतकृष्णन ने बताया कि इस मामले में समारोह समिति के 20 सदस्यों में से सात को हिरासत में लिया गया है।

इस बीच केरल उच्च न्यायालय ने पुत्तिंगल मंदिर में हादसे के बाद सभी धार्मिक स्थलों में रात के समय में आतिशबाजी को लेकर सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश के तहत उच्च क्षमता वाले पटाखों को रात में जलाने पर रोक लगा दी है।

इस हादसे के बाद राज्य सरकार ने मंदिरों में आतिशबाजी को लेकर 14 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें उच्च क्षमता वाले पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर चर्चा की जाएंगी।

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