अपराधिक रिकार्ड वाले प्रत्याशी भी लड़ सकते हैं चुनाव, बस करना होगा ये कठोर काम

लखनऊ। इस लोकसभा चुनाव में अपराधियों को अपने अपराधिक इतिहास का प्रचार प्रसार करना होगा। चुनाव के दौरान कम से कम तीन बार प्रचलित समाचार पत्रों में इसका विज्ञापन देना होगा साथ ही टीवी पर भी इसका प्रचार करना होगा।

लोकसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा आपराधिक प्रवृत्ति के उम्मीदवारों के संबंध में पारित आदेश के क्रम में फार्म 26 में बदलाव किया गया है। आपराधिक छवि के प्रत्याशियों को अपने अपराध का ब्यौरा बड़े और स्पष्ट अक्षरों में आयोग के फार्म में देना होगा।

इसके अलावा नामांकन वापसी के अंतिम दिनांक से लेकर मतदान की तिथि से दो दिन पूर्व तक कम से कम तीन बार अलग अलग तिथियों में व्यापक रूप से प्रचलन वाले अखबारों में छपवाने होंगे और इलेक्ट्रानिक मीडिया पर प्रसारित करवाने होंगे। ऐसे प्रत्याशियों का ब्यौरा संबंधित पार्टी की वेबसाइट पर भी प्रमुखता से उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
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मान्यता प्राप्त दल और गैर मान्यता प्राप्त दल भी निर्धारित प्रारूप में व्यापक सर्कुलेशन वाले समाचार पत्रों में प्रकाशित कराना होगा। ऐसे प्रत्याशियों को जिन समाचार पत्रों में आपराधिक इतिहास छपा है, उसकी प्रति जिलाधिकारी को उपलब्ध करानी होगी।

पांच वर्ष का देना होगा ब्यौरा
लू ने बताया कि प्रत्याशी को इस बार पांच वर्ष का आय का ब्यौरा देना होगा। इसमें प्रत्याशी के साथ-साथ उनके परिवार व आश्रितों की आय का भी पांच वर्षों का ब्यौरा देना होगा। इसके अतिरिक्त यदि किसी के पास विदेश में संपत्ति है तो उसे भी घोषित करना होगा।

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सभी जिलाधिकारियों को निर्देश फौरन उतरवाएं राजनैतिक दलों के होर्डिंग बैनर
लू ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होते ही पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है। अब कोई भी कार्यक्रम बिना अनुमति के नहीं हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को अदेश दिए गए हैं कि वह अपने अपने जिलों में राजनैतिक या सरकारी प्रचार प्रसार की समस्त होर्डिंग बैनर को तत्काल हटवाएं।

निघासन विधान सभा उप चुनाव 29 को
लोकसभा चुनाव के साथ यूपी में एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव भी होगा। यह सीट भाजपा के विधायक राम कुमार वर्मा के निधन से खाली हुई है। इस सीट पर चौथे चरण में 29 अप्रैल को लोकसभा चुनाव केसाथ होगा।
उत्तर प्रदेश में कुल मतदाता- 14.4 करोड़
पुरुष मतदाता-7.79 करोड़
महिला मतदाता- 6.61 करोड़
थर्ड जेंडर- 8374
दिव्यांग मतदाता की संख्या- 786542
प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या 91709

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