अपने ही अपहरण का जाल बुनने वाला छात्र गिरफ्तार, सरकारी अनुदान पाने के लिए रची थी साजिश

रिपोर्ट: नीरज सिंघल/सहारनपुर

सहारनपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले एक छात्र ने सरकारी अनुदान पाने के लालच में अपने ही अपहरण की योजना बना डाली। युवक ने अपने आपको अपहृत दिखाया और फिर 3 दिन बाद अपहरणकर्ता के चुंगल से भाग आने की सूचना भी पुलिस को दी।पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांची की तो मामला केवल सरकारी अनुदान पाने के लिए रचे गए ड्रामे का निकला। फिलहाल कोतवाली देहात पुलिस ने आरोपी अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जाँच की जा रही है।

अपहरण

आपको बता दें कि सहारनपुर की कोतवाली देहात इलाके के ग्राम गदनपुरा निवासी नीरज सहारनपुर के जे.वी.जैन इंटर कालेज में पढ़ता है।अभी बीते 10 फरवरी को नीरज अपने घर से कॉलेज के लिए निकला लेकिन वापस घर नही आया।जब देर शाम तक नीरज घर नही पहुँचा तो उसके परिजनों ने कोतवाली देहात पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके बाद पुलिस गुमशुदा नीरज की तलाश में जुट गयी।जिसमे अगले दिन 11 फरवरी को इलाके के हलालपुर से नीरज की साइकिल, स्कूल बैग, जूते, एक चाकू व खून से सनी हुई शर्ट मिली तो अपहरण की आशंका जतायी गयी।पुलिस ने मामले की गहनता से जाँच शुरू कर दी जिसमे सहारनपुर अभिसूचना विंग टीम व कोतवाली देहात पुलिस ने थाना सरसावा इलाके से अपहृत नीरज को सकुशल बरमाद कर लिया।नीरज के पास से दो मोबाइल फोन भी पुलिस को बरमाद हुए जिसमे नीरज से सख्ताई से पूछताछ की गयी तो पूरा मामला ही कुछ और निकला।

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पूछताछ के दौरान नीरज ने बताया कि उसने खुद ही घायल होने व अपहरण का षड्यंत्र रचा था क्योंकि वह गरीब परिवार से हैं और शासन द्वारा हरिजन की हत्या का मुकदमा लिखे जाने पर सहायता हेतु पैसा दिया जाता है।नीरज ने इसी सरकारी लाभ लेने की गलत फहमी के चलते अपने अपहरण का षड्यंत्र रचा।नीरज ने एक मीट की दुकान से मुर्गे का खून लेकर अपनी शर्ट पर लगा लिया फिर खून से सने शर्ट ,अपनी साइकिल ,बैग, जूते व चाकू को इलाके के हलालपुर में एक जगह रख दिया।जिससे पूरी घटना अपहरण की प्रतीत हो। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही कर जेल भेज दिया है।

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