मोदी सरकार ने नहीं माफ किया अडाणी का जुर्माना

मोदी सरकारनई दिल्ली। हाल ही में खबर थी कि अडाणी पोर्ट एंड सेज लिमिटेड कंपनी पर मोदी सरकार ने 200 करोड़ रुपए का जुर्माना रद कर दिया है। गौतम अडाणी से पीएम मोदी के नजदीकी संबंध बताए जाते हैं। इसके बाद से ही ये खबरेंं वायरल हुई थीं। लेकिन अब मोदी सरकार ने ऐसी सभी खबरों को खारिज कर दिया है।

मोदी सरकार का दावा

मोदी सरकार ने दावा किया है अडाणी की कंपनी पर किसी भी तरह का कोई जुर्माना माफ नहीं किया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी पर अब पहले से भी ज्‍यादा गंभीर आरोप लगे हैं। सरकार ने कंपनी पर जुर्माना बढ़ाए जाने की भी बात कही है। इसमें कंपनी को पर्यावरण संबंधी जिम्‍मेदारियां पूरी करनी पड़ेगी।

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी पर 200 करोड़ का यह जुर्माना मुंदड़ा बंदरगाह के निर्माण के दौरान पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाया गया था। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने दावा किया कि कंपनी पर जुर्माना रद करने संबंधी सभी खबरें गलत हैं। जबकि कंपनी पर और अधिक गंभीर दायित्व डाले गए हैं जिसकी लागत की कोई सीमा नहीं है।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि मीडिया की रिपोर्ट में जो निष्कर्ष निकाला गया है, वह सही नहीं है। मौजूदा सरकार ने 200 करोड़ रुपए का जुर्माना रद नहीं किया है। मंत्रालय का निर्णय उससे 200 करोड़ रुपए मांगने से अधिक सख्त है क्योंकि इस मामले में सुनीता नारायण समिति ने नुकसान की भरपाई करने और आगे पर्यावरण संरक्षण के लिए सिफारिश की है। कंपनी को उसका पूरा बोझ उठाना पड़ेगा और यह सिर्फ 200 करोड़ रुपए तक ही सीमित नहीं रहेगा।

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