Water Crisis in Agra जीवनी मंडी वाटरवक्र्स और गंगाजल प्लांट सिकंदरा को नहीं मिलेगा भरपूर गंगाजल

 15 अगस्त से पूरे शहर में सप्ताह भर गंगाजल के लिए हा-हाकार मचेगा।

जीवनी मंडी वाटरवक्र्स और गंगाजल प्लांट, सिकंदरा को भरपूर गंगाजल नहीं मिलेगा। इससे यह प्लांट आधी क्षमता से ही काम करेंगे। इसकी वजह हरिद्वार में अपर गंगा कैनाल को बंद किया जा रहा है। बिजनौर में मध्य गंगा कैनाल की डीसिल्टिंग होगी। इसके चलते पालड़ा फाल, बुलंदशहर को कम मात्रा में गंगाजल की आपूॢत होगी। पालड़ा फाल से आगरा को अभी तक हर दिन 250 एमएलडी गंगाजल मिल रहा था, जबकि अब सप्ताह भर तक 110 एमएलडी के करीब मिलेगा।

जल निगम, गंगाजल इकाई के परियोजना प्रबंधक आरके गुप्ता ने बताया कि जीवनी मंडी और सिकंदरा प्लांट से कम मात्रा में जलापूॢत हो सकेगी। ऐसे में लोगों को पानी का भंडारण करने के लिए कहा गया है। जल संस्थान के एक अफसर ने बताया कि 110 में 60 एमएलडी सिकंदरा और 50 एमएलडी जीवनीमंडी को गंगाजल मिलेगा। क्लीनिंग के बाद शहर को हर दिन सुबह और शाम 100-100 एमएलडी पानी की आपूॢत हो सकेगी।

यमुना जल की मात्रा को बढ़ाने का होगा प्रयास 

सिकंदरा में एक प्लांट गंगाजल और दूसरा यमुना जल का है। वर्तमान में भरपूर गंगाजल मिलने के कारण यमुना जल के प्लांट को आधी क्षमता पर चलाया जा रहा था। यानी हर दिन 72 एमएलडी यमुनाजल की आपूॢत हो रही थी। अब इसकी क्षमता को बढ़ाकर 140 एमएलडी किया जाएगा।

शहर को 400 एमएलडी पानी की आपूॢत 

शहर को एक बार में 400 एमएलडी पानी की जरूरत है। यानी सुबह और शाम को जोड़ लिया जाए तो एक दिन में 800 एमएलडी पानी चाहिए, जबकि शनिवार से एक बार में 110 और दोनों टाइम में 220 एमएलडी पानी मिल सकेगा।

जीवनी मंडी वाटरवक्र्स

इसकी क्षमता 225 एमएलडी की है। 90-90 एमएलडी के दो और 45 एमएलडी का एक प्लांट है। 90 एमएलडी के एक प्लांट का जीर्णोद्धार चल रहा है। यहां से अब यमुना जल की आपूॢत महज 25 एमएलडी की हो सकती है। क्योंकि हडसन टैंक को बंद करने के बाद यमुना जल की मात्रा को और अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता है।

एमबीबीआर प्लांट 

सिकंदरा स्थित इस प्लांट की क्षमता 144 एमएलडी है। इससे सिर्फ यमुना जल की आपूॢत हो सकती है। लाइनों की क्षमता को देखते हुए एक साल से इस प्लांट को आधी क्षमता पर चलाया जा रहा है।

गंगाजल प्लांट 

सिकंदरा स्थित इस प्लांट की क्षमता 144 एमएलडी है। इससे सिर्फ गंगाजल की आपूॢत हो सकती है। यह प्लांट पूरी क्षमता से चलता है। गंगाजल न मिलने से अब यह प्लांट आधी क्षमता से चलेगा।

जल संस्थान की प्लानिंग फेल, एक लाख आबादी को नहीं मिला पानी

शुक्रवार को शहर की जलापूॢत फिर से लडख़ड़ा गई। जल संस्थान की प्लानिंग फेल हो गई। दो दर्जन स्थलों पर लीकेज के चलते एक लाख की आबादी को पानी नहीं मिला। बिजलीघर चौराहे के लीकेज ने सबसे अधिक लोगों को प्रभावित किया। जीवनी मंडी वाटरवक्र्स से 130 और सिकंदरा के दोनों प्लांट से 200 एमएलडी पानी की आपूॢत हुई।

इन क्षेत्रों में नहीं आया पानी 

कछपुरा, यमुना ब्रिज, नुनिहाई, सीता नगर, कालिंदी विहार, आवास विकास सेक्टर एक, छह, 12 और 16 के कुछ हिस्से, मनोहरपुर, अमिता विहार, मुगल रोड के आसपास।  

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