
भारत में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर नियामक संस्थाएं इन दिनों बेहद सख्त रवैया अपना रही हैं। इसी कड़ी में नेपाल के इकलौते अरबपति और ‘नूडल किंग’ के नाम से मशहूर बिनोद चौधरी के स्वामित्व वाली कंपनी सीजी फूड्स इंडिया बड़ी मुसीबत में फंस गई है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने राजस्थान स्थित कंपनी की एक फैक्ट्री पर छापा मारकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इन खुलासों के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कंपनी के कुछ उत्पादों के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
एफएसएसएआई की जांच टीम ने अपनी छापेमारी के दौरान पाया कि मशहूर वाई-वाई नूडल्स बनाने वाली यह फैक्ट्री उपभोक्ताओं की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रही थी। जांच अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री के फर्श पर गिरी हुई टूटी नूडल्स को इकट्ठा करके बिना किसी ‘हीट ट्रीटमेंट’ के सीधे वाई-वाई ब्रांड की भुजिया बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस गंभीर लापरवाही और स्वच्छता मानकों की अनदेखी के चलते अधिकारियों ने फैक्ट्री से लगभग 32,000 किलोग्राम माल जब्त कर लिया है। इसके साथ ही मौके से एक्सपायर हो चुके तैयार उत्पादों के 1,925 बॉक्स भी बरामद किए गए हैं। नियामक संस्था ने इस मामले में खाद्य व्यवसाय संचालक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है और परीक्षण के लिए कई नमूने भी प्रयोगशाला भेजे हैं।
खाद्य पदार्थों में मिलावट और एक्सपायरी डेट में फर्जीवाड़े का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। इस घटना से कुछ ही दिन पहले महाराष्ट्र के नवी मुंबई में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एक बड़े गोदाम पर छापा मारा था, जहां से कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नामी उत्पाद बरामद किए गए थे। इस गोदाम में नेस्ले, यूनिलीवर, कोका-कोला और पेप्सिको जैसे बड़े ब्रांड्स के एक्सपायर हो चुके उत्पादों पर नई तारीख छापने का गोरखधंधा चल रहा था।
अधिकारियों ने वहां से ऐसे रसायन और मशीनें भी बरामद की थीं, जिनका इस्तेमाल पुरानी तारीखों को मिटाने और नए पोषण लेबल छापने के लिए किया जाता था। इस सघन कार्रवाई में लेज़, कुरकुरे, मैगी, थम्स अप और नॉर सूप जैसे लोकप्रिय उत्पादों के करीब 5,000 कार्टन जब्त किए गए थे।
देश भर में भोजनालयों और फास्ट-फूड आउटलेट्स के खिलाफ चल रहे इस व्यापक अभियान में महाराष्ट्र एफडीए के प्रमुख तुकाराम मुंडे की कार्यशैली विशेष रूप से चर्चा में है। मुंडे अपने सख्त फैसलों और स्वच्छता प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाने के लिए जाने जाते हैं।
हाल ही में उनके नेतृत्व में चलाए गए एक राज्यव्यापी अभियान के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, जिसके परिणामस्वरूप पिज्जा हट के एक और डोमिनोज़ पिज्जा के चार आउटलेट्स के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिए गए थे। नियामक संस्थाओं की यह पूरी कवायद इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन अब खाद्य सुरक्षा और आम जनता की सेहत के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।



