
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सभी प्रदेशवासियों को लोकपर्व हरेला की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस खास अवसर पर उन्होंने लोगों से एक स्थायी भविष्य के लिए प्रकृति के संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों को बचाने की खास अपील की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में प्राचीन काल से ही हरेला पर्व का विशेष महत्व रहा है। हमारे पूर्वजों ने हमेशा प्रकृति का सम्मान किया है और इस त्योहार को पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के रूप में मनाया है। इसलिए हमें भी अपने पूर्वजों की इस महान परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए।
जलवायु परिवर्तन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज हम ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मौसम का प्राकृतिक चक्र अब पूरी तरह से बदल चुका है। मानसून के दौरान सूखा और सर्दियों में गर्मी जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं। इन विषम परिस्थितियों को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि हम अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करें और जल स्रोतों को सहेजें।



