यूपी रोडवेज में जल्द ही 75 प्रतिशत अनुबंधित बसें होंगी, इन रूटों पर जल्दी शुरू होगी सेवा

यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम नवीन अनुबंधित बस सेवा के अंतर्गत बेडे़ में 30 की जगह 75 प्रतिशत बसें शामिल होंगी। उत्सर्जन मानक भारत स्टेज- 6 (बीएस-6) वाली दो वर्ष पुरानी बसों को शहरी क्षेत्रों में तथा भारत स्टेज-4 (बीएस- 4) वाली चार साल पुरानी बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में चलाने की योजना है। इस संबंध में परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एल वेकटेश्वर लू ने निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि 75 फीसदी बसें अनुबंधित और 25 फीसदी बसें निगम की यथाशीघ्र संचालित कराई जाएं।

कर्मचारी परिषद ने कहा, इससे रोजी-रोटी पर खड़ा होगा संकट
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र का कहना है कि 75 फीसदी बसें अनुबंध पर चलाए जाने से रोडवेज के 55 हजार कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। इतने बड़े निर्णय से पहले कर्मचारियों के पक्ष को भी सुना जाना चाहिए था और विषय विशेषज्ञों से अध्ययन भी कराना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह रोडवेज के निजीकरण की तैयारी है।

हम डग्गामार बसों को अनुबंधित करने को कह रहे हैं। क्योंकि कोरोना के कारण पिछले दो साल बसें नहीं खरीद सके और अब भी इतनी बसें नहीं खरीद सकते, जितनी आवश्यकता है। छह हजार बसें तो पुराना कोटा पूरा करने के लिए चाहिए। रोडवेज कर्मचारियों का कोई नुकसान नहीं होने देंगे बल्कि नई नियुक्तियां करेंगे। रोडवेज में 900 सिपाहियों की भर्ती का प्रस्ताव भी चयन आयोग को भेजा है। यह रोडवेज के निजीकरण की नहीं बल्कि और मजबूत करने की तैयारी है। 

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