
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां खेत पर गए एक बुजुर्ग किसान पर नीलगाय ने अचानक हमला कर दिया। इस खौफनाक हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 75 वर्षीय किसान की मौके पर ही मौत हो गई।
इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे गांव हिम्मतपुर और आसपास के इलाकों में शोक के साथ-साथ जंगली जानवरों की दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।
घटना का विवरण
हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव हिम्मतपुर के रहने वाले 75 वर्षीय रामगोपाल रोज की तरह शनिवार की सुबह अपने खेत पर गए थे। खेत पर कुछ देर टहलने के बाद जब वे शौच के लिए गए, तो वहां पहले से मौजूद एक आक्रामक नीलगाय ने उन पर अचानक धावा बोल दिया। बुजुर्ग रामगोपाल ने अपनी जान बचाने की पूरी कोशिश की और खुद को बचाने के लिए संघर्ष किया। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद नीलगाय को वहां से खदेड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल होकर गिर चुके थे।
परिजनों और ग्रामीणों द्वारा रामगोपाल को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक रामगोपाल अपने चार बेटों के साथ मिलकर खेती-किसानी करते थे और इसी के जरिए अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। एक मेहनती किसान की इस तरह अचानक हुई मौत से उनके पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रशासन की कार्रवाई और ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही हाथरस जंक्शन कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए शव को अपने कब्जे में लिया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमित पाठक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक किसान के शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है।
इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में नीलगायों और अन्य निराश्रित जंगली जानवरों का आतंक दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके कारण न केवल किसानों की लहलहाती फसलें बर्बाद हो रही हैं, बल्कि अब अन्नदाताओं की जान पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवारा और जंगली जानवरों की समस्या का जल्द से जल्द कोई ठोस समाधान निकाला जाए।




