देश की महिला क्रिकेटर ने #MeToo पर दिया यह बयान

रिपोर्ट- काशीनाथ शुक्ला

वाराणसी। देश में इन दिनों महिला यौन उत्पीड़न के खिलाफ मीटू कैंपेन चल रहा है. इसी विमर्श पर बनारस की बेटी और मशहूर भारतीय महिला क्रिकेटर सुषमा वर्मा ने अपनी राय रखी. इनका मानना हो कि यदि लड़कियां जागरूक हों तो उन्हें ऐसा कुछ भी नहीं झेलना पड़ेगा.

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महिलाएं यौन उत्पीड़न के खिलाफ मीटू के माध्यम से आवाज उठा रहीं हैं. इसी मुद्दे पर देश की युवा महिला क्रिकेटर सुषमा वर्मा ने भी वाराणसी में अपने मन की बात कही. सुषमा काशी में मौजूद थीं. उन्होंने बीएचयू आईआईटी की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में शिरकत की. देश-विदेश में अपने क्रिकेटिंग स्किल्स से नाम कमा चुकी सुषमा वर्मा युवाओं को प्रेरित करती हुई नजर आईं.

सुषमा ने महिला खिलाड़ियों से रूबरू होने के बाद अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह देखकर अच्छा लग रहा है कि अब लड़कियों को भी अपनों का काफी साथ मिल रहा है कि वो खेलकूद में आगे जाएं. साथ ही देश में चल रहे मीटू मुद्दे पर बोलते हुए महिला क्रिकेटर ने कहा कि उन्हें कभी भी ऐसा कुछ नहीं झेलना पड़ा, जिससे वो इन सब बातों पर यकीन कर सकें.

सुषमा का कहना है कि अगर लड़कियां जागरूक हो जाएं और इस बात में फैसला करना सीख जाएं कि उन्हें कौन सा कदम उठाना है तो कोई भी महिला किसी भी इंडस्ट्री में किसी तरह की बदतमीजी से नहीं गुजरेगी.

हालांकि, सुषमा का कहना है कि वो इस मुद्दे के बारे में बहुत कम जानती हैं. लड़कियों को खेल में आगे बढ़ते देख खुश इस महिला भारतीय क्रिकेटर का कहना है कि जब लड़कियां आगे आ ही रही हैं तो जरूरत है कि उन्हें सही रास्ता पर चलना सिखाया जाए.

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2013 में अपने अंतर्राष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत करने वाली सुषमा कहती हैं कि अब उनको आगे का रास्ता साफ नजर आता है. उन्होंने जल्द ही होने वाले भारतीय महिला टी-20 विश्व कप के लिए भी टीम को बधाई दी है. हालांकि सुषमा इस वर्ल्ड कप में टीम की तरफ से नहीं खेल रही हैं.

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