
NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार और NTA के बीच स्पष्ट विरोधाभास सामने आया है। एक तरफ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि “चेन ऑफ कमांड में ब्रेक” हुआ है, वहीं NTA के DG अभिषेक सिंह ने संसदीय समिति के सामने कहा कि पेपर “सिस्टम से लीक नहीं” हुआ।
यह विरोधाभास NEET की विश्वसनीयता पर गहरा संकट पैदा कर रहा है। CBI जांच में केमिस्ट्री लेक्चरर को गिरफ्तार किया जा चुका है और पेपर लीक के बड़े रैकेट का खुलासा हो रहा है। फिर भी NTA का संकीर्ण बयान छात्रों-माता-पिता के बीच भारी नाराजगी बढ़ा रहा है।
छात्रों का कहना है कि उन्हें तकनीकी बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है। चाहे लीक प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट या किसी भी चरण में हुआ हो, पूरा सिस्टम फेल हुआ है। सरकार ने भविष्य में NEET को कंप्यूटर आधारित बनाने का संकेत दिया है, जो मौजूदा व्यवस्था की कमजोरी को स्वीकार करता है।



